13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आयुर्वेदिक उपचार भी अब आधार से जुड़ा

औषधालयों में आने वाले मरीज से अब बीमारी पूछने के साथ ही आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर भी पूछा जाने लगा है।

2 min read
Google source verification
treatment link Aadhaar

विदिशा। जिले के आयुर्वेद औषधालयों में अब मरीजों से आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर मांगें जा रहे हैं। इस संबंध में आदेश भी जारी हुए हैं और हर माह इसकी रिपोर्ट भी आयुष संचालनालय को भेजी जा रही है।


इस आदेश के बाद औषधालयों में आने वाले मरीज से अब बीमारी पूछने के साथ ही आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर भी पूछा जाने लगा है। आयुष चिकित्सा से जुड़े कर्मचारियों के मुताबिक कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही। ऐसे में यह भी डर है कि आधार कार्ड व मोबाइल नंबर मांगने पर मरीज औषधालय आना न छोड़ दें। इसलिए उन्हें दवाएं दी जा रही और आधार कार्ड लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा।

19 हजार, 453 मरीजों में 1 हजार, 314 ने बताया आधार नंबर आयुष विभाग के कर्मचारियों के मुताबिक गत अगस्त माह में जिले के औषधालयों में 19 हजार, 453 मरीजों ने उपचार लिया। इनमें सिर्फ 1 हजार, 314 मरीजों ने ही आधार नंबर लिखवाया। कर्मचारियों के मुताबिक जिले में आयुष की कुल 37 डिस्पेशरी है। इनमें 32 आयुर्वेद, 3 युनानी, 1 होम्योपेथी, 1 जिला अस्पताल परिसर में आयुष विंग शामिल है। इनमें औसतन हर दिन 650 मरीज उपचार के लिए आते हैं।


भेजी जा रही हर माह की रिपोर्ट :
कर्मचारियों के अनुसार भारत सरकार आयुष मिशन नई दिल्ली के आदेश पर मध्यप्रदेश आयुष संचालनालय ने जून माह में मरीजों के आधार एवं मोबाइल नंबर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही एक प्रोफार्मा भी दिया जिसके आधार पर मरीजों की कुल संख्या, मरीजों के आए आधार कार्ड व मोबाइल नंबर की जानकारी भेजा जाना है।

पिछले दो माह से यह रिपोर्ट भेजी जा रही है। औषधालयों में चस्पा कराएंगे सूचना शासन के निर्देशों का पालन कराया जा रहा है। इसके लिए बैठकों में भी जानकारी दी जा रही। इसके लिए आयुर्वेद औषधालयों में सूचना भी चस्पा कराई जाएगी।
- डॉ. नरेश श्रीवास्तव, प्रभारी जिला आयुष अधिकारी

इधर, कोर्ट में नपा की हार, कोर्ट ने खुदवाई सड़क :-
विदिशा नगरपालिका की अदालत में हार हुई है, मुखर्जी उद्यान के एप्रोच रोड को खोदकर कोर्ट ने राजेंद्र दुबे को उस जगह का कब्जा दिला दिया। करीब 6 हजार वर्गफीट जगह पर कोर्ट के आदेश पर जेसीबी चली और डामरीकृत सड़क खोद दी गई।
कोर्ट के नायब नाजिर प्रशांत आचार्य न्यायालय के अमले के साथ सोमवार को व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 1 के आदेश पर रामचंद्र दुबे विरूद्ध नगरपालिका के केस में सड़क खुदवाने पहुंचे।

बताया गया है कि रामचंद्र दुबे ने उनकी जमीन पर नगरपालिका द्वारा सड़क बनाये जाने का मामला कोर्ट में लगाया था, अपील में 20 अक्टूबर 2015 को चतुर्थ अपर जिला न्यायाधीश ने रामचंद्र दुबे के पक्ष में फैसला दिया था, उसी फैसले पर अमल कराने आज कोर्ट का अमला जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचा था।

इस बीच खामखेड़ा बीजेपी मंडल अध्यक्ष एडवोकेट दिनेश बघेल भी वहां आ पहुंचे और कार्रवाई को आपत्तिजनक बताया। बघेल का कहना था कि यह जमीन उन्होंने तत्कालीन कलेक्टर के कहने पर सड़क के लिए दी थी। जिसके दस्तावेज मेरे पास हैं। सीमांकन कराये सड़क पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई हो रही है। उधर राजेंद्र दुबे ने कहा कि नगरपालिका ने मेरी जगह पर कब्जा कर सड़क बनाई थी। अब कोर्ट के आदेश पर मुझे कब्जा मिल रहा है।

उधर, नगरपालिका को जब बघेल ने कोर्ट की इस कार्रवाई की जानकारी दी तो सीएमओ सतेंद्र धाकरे ने इस मामले से जुड़े कर्मचारियों को फटकार लगाई कि जब ये जमीन बघेल ने नगरपालिका को दान दी थी, हमारा पक्ष मजबूत था फिर राजेंद्र दुबे के पक्ष में कोर्ट का फैसला कैसे हो गया।