
स्वच्छता सर्वेक्षण, दीवारों की पुरानी पेटिंग पर नए वर्ष का ठप्पा
विदिशा। स्वच्छता कार्य में बजट न मिलने और स्वच्छता कार्य में अच्छे अंक लाने लिए नपा को जुगाड़ का तरीका अपनाना पड़ रहा है। इसके लिए शहर में पूर्व परिषद कार्य में दीवारों पर बनाई गई अधिकांश पेंटिंग पर अब पुराने वर्ष की जगह 2023 का ठप्पा लगा दिया गया है ताकि स्वच्छता सर्वेक्षण में यह कार्य इसी नए वर्ष का होना दिखाई दे। ऐसा ही देखने का मिल रहा यहां एसएटीआई की बाउंड्रीवाल पर जहां वर्ष 2022 में बड़ी संख्या में बनी पेंटिंग पर वर्ष 2023 अंकित कर दिया गया है। 2022 के अंक आखिरी अंक 2 को चतुराई पूर्वक 3 अंक बनाने का प्रयास किया गया लेकिन कई स्थानों पर चूक हो जाने से यह अंक उसके साथ हुई छेड़छाड़ को उजागर भी करता दिखाई दे रहा है।
मालूम हो कि शहर में इस दीवार पर यह पेंटिंग पूर्व परिषद के कार्यकाल में हुई और इन पेंटिंगों पर करीब 17 लाख रुपए खर्च किए गए थे। इस दीवार के अलावा नपा कार्यालय की दीवार पर भी भगवान राम के जीवन का चित्रण करते हुए खूबसूरत पेंटिंग हुई थी। वहीं नीमताल चौराहे के पास स्कूल की दीवार की पेंटिंग कर इसे ट्रेन का रूप दिया गया था। स्वच्छता कार्य में कुछ स्थानों पर विश्राम स्थल भी बनाए गए थे ईदगाह से एसएटीआई मार्ग तक तिरंगा लाइटिंग की गई थी, यह पुरानी खूबसूरती नपा बचा नहीं पा रही वहीं बजट के अभाव में नपा को स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर िस्थति में आने के लिए जुगाड़ की कार्यशैली अपनाना पड़ रही है।
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इस माह होना है स्वच्छता सर्वेक्षण
नपा से मिली जानकारी के अनुसार शहर में स्वच्छता सवेक्षण की टीम इस अप्रेल माह में सवेक्षण के लिए आएगी पूर्व में यह टीम मार्च माह में आने वाली थी। इस दौरान सफाई की बेहतर व्यवस्था के लिए नपा ने स्वच्छता पाठशाला का भी आयोजन किया था, जिसमें अच्छे अंक के लिए किस तरह से कार्य करना, 100 प्रतिशत कचरा संग्रहण, कामिर्सियल क्षेत्र में दो बार सफाई, सूखा गीला कचरा, सिंगल यूज प्लास्टिक रोकने पर आदि पर चर्चा हुई थी, लेकिन इसका कोई असर शहर की स्वच्छता पर दिखाई नहीं दे रहा है।
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नहीं हो रही स्वच्छता की मानीटरिंग
शहर में स्वच्छता कार्य में सुधार न होने का मुख्य कारण मानीटरिंग नहीं होना माना जा रहा । पूर्व में सीएमओ सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, नपा के स्वच्छता निरीक्षक सभी निरीक्षण करते थे इससे कर्मचारियों में दवाब बना रहता था, लेकिन अब इस तरह का नियमित निरीक्षण नई परिषद में दिखाई नहीं दे रहा। स्वच्छता में अनदेखी यहां तक बताई जा रही कि नपा में स्वास्थ्य अधिकारी को यहां पदस्थ हुए करीब छह माह बीत गए पर उन्हें अब तक उनके दायित्व से दूर रखा गया है।
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शहर में कई स्थानों पर इस हाल में डस्टबिन
पूर्व परिषद में सड़कों के किनारे करीब 12 लाख रुपए की डस्टबिन लगाई गई थी, लेकिन यह डस्टबिन भी उपेक्षा की शिकार बनी हुई है। कई जगह से यह उखड़ गई। कुछ गायब हो गई। कुछ को सड़क किनारे से उखाड़कर यहां वहां पटक दिया गया है। अभी भी कई डस्टबिन काफी अच्छी हालत में है लेकिन उन्हें व्यविस्थत कर उपयोगी बनाए जाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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अब तक यह रही स्वच्छता में रैकिंग
वर्ष रैकिंग
2016- 146
2017- 196
2018- 173
2019- 196
2020- 85
2021- 89
2022- 167
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वर्जन
पिछले तीन वर्ष से स्वच्छता कार्य में बजट नहीं मिला है। शासन से पौने दो करोड़ की मांग शासन से की गई थी लेकिन राशि नहीं मिली। फिर स्वच्छता के लिए अपने स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
-विजय बागमारे, लिपिक स्वास्थ्य शाखा, नपा
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स्वच्छता में बजट नहीं मिला है। कचरा वाहनों के लिए राशि मिली थी इससे 10 वाहन खरीदे जा रहे जो जल्द ही स्वच्छता कार्य में उपयोग होंगे। वहीं पुरानी पेंटिंग अभी अच्छी हालत में होने एवं सर्वेक्षण 2023 में होने से इन पुरानी पेंटिंग में 2023 लिखवाया गया है।
-सीपी राय, सीएमओ नपा
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Published on:
04 Apr 2023 02:39 am

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