
लिपिकों की हड़ताल से सूने रहे सरकारी दफ्तार, दूसरे दिन भी हड़ताल जारी, कामकाज ठप
विदिशा@अनिल सोनी की रिपोर्ट...
लिपिक वर्ग कर्मचारी रमेशचंद्र शर्मा की 23 अनुशंसाएं लागू करने और ग्रेड पे उन्नयन की मांग को लेकर मप्र लिपिक वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय आव्हान पर जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में मंगलवार को दूसरे दिन भी लिपिक वर्ग कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रही और एडीएम बंगले के पास प्रदर्शन जारी रहा। जिसके चलते विभिन्न विभागों के दफ्तर सूने रहे। कई जरूरतमंद नागरिक उन दफ्तरों में आए पर, काम न होने के चलते वे नागरिक परेशान होते रहे और खाली हाथ अपने घर लौट गए।
लिपिक वर्ग कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी नहीं होने के कारण शिक्षा विभाग, तहसील, एसडीएम दफ्तर, खनिज विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों में जब मंगलवार को नागरिक पहुंचे, तो वहां बाबुओं के नहीं मिलने से उनके कोई काम नहीं हो पाए और उन्हें वहां मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जानकारी मिली कि हड़ताल के कारण कामकाज नहीं हो पाएगा। वहीं अधिकारी अकेले दफ्तरों में बैठे नजर आए। जिससे दिनभर हजारों लोग परेशान हुए।
इस हड़ताल में सभी तहसीलों के करीब २८०० शासकीय लिपिक शामिल हैं। वहीं इस हड़ताल में राजस्व न्यायालयों के लिपिकों के शामिल होने के कारण दूसरे दिन भी न्यायालयीन कार्य ठप रहे और मंगलवार की सभी पेशियां आगे बढ़ा दी गईं। जिससे पेशी पर दूर-दूर से आए पक्षकार परेशान हुए। वहीं धरना स्थल पर कर्मचारी दिन भर नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों को पूरी करने की बात कहते रहे। संघ अध्यक्ष उदय हजारी ने बताया कि मांगे पूरी नहीं होने तक हड़ताल लगातार जारी रहेगी। प्रदर्शन के दौरान शासकीय राजस्व कर्मचारी संघ अध्यक्ष शिवराज सिंह ठाकुर, संतोष जोशी, शिवम जैन, मनीषा वर्मा, संदेश जैन, प्रकृति तिवारी, संजय जोशी, गणेश दुबे, अभिषेक श्रीवास्तव, हितेंद्र शर्मा, संजय सक्सेना, मीरा सिंह, नीलू चिढ़ार, प्रेमलता पाल और ममता चालीसकर, भारती त्यागी, सोहन पाल, देवी सिहं सहित कई लोग मौजूद रहे।
Published on:
24 Jul 2018, 11:59 AM IST
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