
राधा मंदिर आना मेरे पूर्वजों के पुण्यों का प्रताप-प्रहलाद पटेल
विदिशा. केन्द्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल अपनी धर्मपत्नी और बच्चों सहित राधाष्टमी बुधवार को विदिशा स्थित राधारानी के दरबार में पहुंचे। जन्म आरती के ठीक बाद पटेल ने राधाजी के दर्शन कर मत्था टेका और प्रसादी चढ़ाई। यहां उन्होंने मंदिर के प्रधान सेवक मनमोहन शर्मा से विस्तृत चर्चा की और राधारानी यहां कैसे और कब आईं, इसके बारे में जाना। उन्होंने 9 अप्रेल 1669 की वह तारीख भी नोट की जिस दिन शर्मा के अनुसार बरसाने से राधाजी को यहां लाया गया था। पटेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों का कोई पुण्य रहा होगा कि मुझे संस्कृति मंत्री के रूप में यहां आने का मौका मिला। इतिहास गवाह है कि मथुरा वृन्दावन में जिस तरह भारतीय परंपरा को औरंगजेब के समय नष्ट करने का काम हुआ है, उसकी एक धरोहर को सुरक्षित बचाकर विदिशा में स्थापित किया गया था। यह गौरव की बात है। राधारानी की अपनी परंपरा, मर्यादा और गरिमा है, जिसे बरकरार रखते हुए मंदिर में सरकार और समाज क्या और कितना कर सकती है वह हमारे मन में है। लेकिन ऐसे काम में उनकी(राधारानी)ही चलती है।
कोरोना से देश-प्रदेश को मुक्त करेंगी राधारानी- साधना सिंह
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की धर्मपत्नी साधना सिंह चौहान भी दोपहर बाद राधारानी के दरबार में पहुंचींं। यहां उन्होंने राधारानी के दर्शन कर प्रसादी अर्पित की और मत्था टेककर काफी देर तक प्रार्थना की। साधना सिंह ने बताया कि उन्होंने राधारानी से देश और प्रदेश को कोरोना से मुक्त करने की प्रार्थना की है। उन्होंने 300 से ज्यादा वर्ष तक परंपराओं और पूरी मर्यादा के साथ राधारानी की सेवा के लिए मंदिर सेवा से जुड़े शर्मा परिवार की सराहना की। तीनों नेताओं के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ राकेश जादौन, नपाध्यक्ष मुकेश टंडन, संदीप डोंगर सिंह, अरविंद श्रीवास्तव, राकेश शर्मा, सुरेन्द्र सिंह चौहान, दिनेश कुशवाह आदि मौजूद रहे। उमा भारती से मिलने कलेक्टर डॉ पंकज जैन और एसपी विनायक वर्मा भी मंदिर पहुंचे। दिन भर दर्शनार्थी भी आते रहे लेकिन उनकी संख्या काफी कम थी।
Published on:
26 Aug 2020 08:55 pm

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