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उपभोक्ताओं पर भारी बिजली के बिल

रोजाना सैकड़ों की संख्या में पहुंच रहे हैं उपभोक्ता बिजली कंपनी में शिकायत करने
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Jagdeesh Ransurma

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Updated: 22 Jul 2016, 11:31 PM IST

vidisha

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गंजबासौदा. बिजली कंपनी की मनमानी अब ईमानदार उपभोक्ताओं पर भारी पडऩे लगी है। कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं के बिजली बिल मनमाने दिए जा रहे हैं जिससे इसका भार ईमानदार उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते रसूखदारों लोगों के मीटर भी नहीं बदले गए हैं। कई जगह पुराने मीटर लगे हुए हैं जबकि शहर में कंपनी द्वारा कई उपभोक्ताओं के यहां नए मीटर लगाए गए हैं जो यूनिट तेज दर्शा रहे हैं।

उपभोक्ता जिसकी शिकायत बिजली कंपनी में लेकर आते हैं तो अधिकारी सुनने को राजी नहीं होते। कंपनी कार्यालय में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए उपलब्ध कराई गई एटीपी मशीन भी बंद पड़ी हुई है जिससे उपभोक्ताओं को बिजल बिल भरने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। कंपनी उपभोक्ताओं को सुविधाएं मुहैया कराने की जगह परेशान करती नजर आ रही है।

दलाल रहते हैं सक्रिय
बिजली कंपनी के सूत्रों की मानें तो कंपनी कार्यालय के बाहर कई सेटिंग कराने वाले कई दलाल सक्रिय रहते हैं जो लोगों से रुपए लेकर बिजली कनेक्शन से लेकर बिल कम कराने और मीटरों की रीडिंग व सेंटिंग कराने का काम करते हैं। कई बार उपभोक्ता जब बिजली कंपनी में बिल की शिकायत लेकर जाते हैं तो यह दलाल उन्हें कार्यालय के बाहर ही रोक लेते हैं और समस्या का समाधान कराने की बात कहकर रकम वसूल करते हैं।

कुछ के बदले मीटर कुछ के नहीं
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कंपनी द्वार शहर में कई जगह नए मीटर लगा दिए गए हैं जो तेज गति से दौड़ रहे हैं और बिजली खपत से ज्यादा यूनिट दर्शा रहे हैं। जबकि कई जगह सांठगांठ के चलते रसूखदार व ऊंची पहुंच रखने वालें लोगों के मीटर नहीं बदले गए हैं। उनके यहां पर वही पुराने मीटर लगे हुए हैं और बिजली बिल भी न के बराबर आ रहे हैं। ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि कंपनी नए मीटर लगा रही है तो सभी एक समान सभी बिजली उपभोक्ताओं के यहां बिना भेदभाव किए मीटर लगाए जाएं।

वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को यह भी शिकायत है कि जब वे बिजली कंपनी में शिकायत करने जाते हैं तो कर्मचारी अधिकारियों से उन्हे मिलने नहीं देते हैं। जिसके चलते भी उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। बिजली कंपनी के एई शैलेश जराठे का कहना है कि हर तीन माह में सुरक्षा निधि की राशि बढ़कर आती है जिसके चलते उपभोक्ताओं को लग रहा है कि ज्यादा राशि के बिल आ रहे हैं शिकायत है तो कार्यालय आए।