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स्कूलों में नहीं मिले एलपीजी गैस चूल्हे, फर्जी दावों से विदिशा प्रदेश में अव्वल

आंकड़ों में बाजीगरी दिखाने में माहिर अधिकारियों की फिर पोल खुल गई है।
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Amitabh Gunjan

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Updated: 15 Oct 2015, 6:43 PM IST

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विदिशा। आंकड़ों में बाजीगरी दिखाने में माहिर अधिकारियों की फिर पोल खुल गई है। तीन दिन पहले ही जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ ने बैठक में जनप्रतिनिधियों के सामने बड़े रौब से कहा था कि विदिशा प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जिसमें सभी प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में एलपीजी गैस चूल्हों पर खाना बन रहा है। 'पत्रिका' ने उनके इस दावे को परखने के लिए बुधवार को दौरा किया। खामखेड़ा के स्कूल में एक ही परिसर में दो जगह बन रहे मध्यान्ह भोजन में दावों की पोल खुल गई।

प्राथमिक कन्या शाला और माध्यमिक शाला दोनों का मध्यान्ह भोजन अलग-अलग कक्षों में तैयार हो रहा था, लेकिन दोनों में ही लकड़ी-कंडे सुलग रहे थे। किचिन में कहीं भी गैस सिलेंडर और गैस चूल्हा नहीं था। शासकीय कन्या प्राथमिक शाला के किचन शेड में लकड़ी वाले चूल्हे पर भोजन पक रहा था। पहले कक्ष में लकडिय़ां-कंडे भरे थे। यहां लक्ष्मीबाई स्वसहायता समूह खाना बनाता है। रसोई की व्यवस्था संभालने वाली रामेत्रीबाई ने बताया कि हमें कोई गैस चूल्हा या सिलेंडर नहीं दिया गया। मिलता तो उसी पर बनाते खाना। स्कूल प्रभारी मुन्नीलाल कुशवाह ने बताया कि इस स्कूल में कोई गैस कनेक्शन नहीं है। इसी परिसर में शासकीय माध्यमिक शाला के एक कक्ष में भी लकड़ी वाले चूल्हे में खाना बन रहा था। खाना बनाने वाली सुधारानी, कृष्णा और कमला बाई ने बताया कि रोटियां तो चूल्हे पर ही बनाते हैं। गैस स्कूल भवन में रखा है। वहां सिर्फ सब्जी बनती है।

सब मालूम है इन्हें
इन दोनों जगह खाना बनने के समय ही जनशिक्षक मनोज मैहर और शैतानसिंह मैहर इसी परिसर में बैठकर मध्यान्ह भोजन की समीक्षा कर रहे थे। जब उन दोनों से इस संबंध में पूछा कि प्रशासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि सौ फीसदी स्कूलों को एलपीजी कनेक्शन दिला दिए गए हैं तो फिर यहां लकड़ी-कंडे पर खाना क्यों बन रहा है? इस पर दोनों का जवाब था कि बार-बार निर्देश देने के बाद भी यहां गैस पर खाना नहीं बनाया जाता, हम क्या करें। पत्रिका ने तत्काल बीईओ को बताया।

यह दावा था अति. सीईओ भूपेश गुप्ता का
जिला पंचायत सभागार में मध्यान्ह भोजन योजना की बैठक सोमवार को विधायक वीरसिंह पवार की अध्यक्षता में हुई थी। इस बैठक में जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ भूपेश गुप्ता ने बैठक में दावा किया था कि यह प्रदेश में पहला जिला है जिसके सभी स्कूलों में एलपीजी गैस कनेक्शन और चूल्हे की व्यवस्था कर दी गई है। इस दौरान बैठक में तमाम जनप्रतिनिधियों, एडीएम अंजू भदौरिया सहित कई अधिकारी मौजूद थे।