
MP News Patrika Raksha Kavach Abhiyan Against drugs md ganja in MP: ग्वालियर में नाकाचंद्रवदनी पर गली-1के पिछले हिस्से में एक युवक से रिपोर्टर ने गांजे का सौदा किया। उसने गली-1 में बुलाया। चेहरा ढंककर पहुंचा और गांजा थमा गया।(photo: patrika)
MP News ptrika raksha kavach abhiyan: मध्य प्रदेश के शहरों में नशा तेजी से अपने पैर पसार रहा है। तस्कर, पैडलर सभी नशे का खुलकर कारोबार कर रहे हैं। स्मैक, एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ाने पर सजा के सख्त प्रावधानों से डरे तस्करों ने जहां स्मैक, एमडी ड्रग्स और ब्राउन शुगर की बजाय गांजा बेचना शुरू कर दिया है। पत्रिका रिपोर्टर ने कारण पूछा तो तस्करों ने बताया, स्मैक-एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ाने पर बड़ी सजा होती है। जमानत नहीं होती। लेकिन एक किलो से कम गांजे के साथ पकड़ाने पर जमानत की उम्मीद बढ़ जाती है। इसलिए उन्होंने गांजे की बिक्री तेज कर दी है। हालांकि अफीम, चरस, स्मैक और एमडी ड्रग्स की डिमांड कम नहीं हुई है। वहीं, उज्जैन में खुलेआम सब बिक रहा है।
ग्वालियर में इन जगहों पर स्मैक बेचने वालों के अड्डे उपनगर ग्वालियर, हजीरा व जनकगंज में स्मैक बेचने वालों के पुराने अड्डे (ptrika raksha kavach abhiyan) हैं। सिरोल, बरां गांव, कोटेश्वर पर गैराज वाला, गिरवाई में पत्थर की फड़, खेड़ापति साईंबाबा मंदिर के पास, मुरार में बंशीपुरा, थाटीपुर बजरिया, सिंधिया नगर पहाड़ी, नाका चंद्रवदनी, यातायात नगर, लक्ष्मण तलैया में नशे के अड्डों से पैडलर गांजा, अफीम, चरस बेच रहे हैं।
पत्रिका रिपोर्टर गोल पहाड़िया से लगी तिघरा रोड की बस्ती में पहुंचा। पूछा- पुड़िया मिलेगी तो पैडलरों ने नजर भरकर देखा फिर 100 रुपए मांगे। पैसा लेकर एक कमरे की ओर इशारा किया। यहां कमरे का दरवाजा बंद था। नशा कारोबारी ने कमरे के अंदर मौजूद साथी को फोन कर दिया, तो बिना कुंडी खटकाए दरवाजा खुला और युवक ने पुड़िया थमा दी।
रिपोर्टरउज्जैन के नीलकंठ द्वार से बेगमबाग कॉलोनी की ओर बढ़ा। नसीब होटल के पास गली में खड़े युवक से बात की। पहले वह नशे के कारोबार से इनकार करता रहा। बाद में तैयार हो गया। पत्रिका रिपोर्टर और ड्रग पैडलर से हुए बातचीत के अंश…।
रिपोर्टर: पुड़िया मिलेगी?
पैडलर: (धीमे स्वर में) भैया! टेंशन मत लो। जो चाहिए सब मिलेगा। यहां सीधे कोई नहीं देगा। पहचान हो तो सब मिल जाएगा।
अगले दिन… रिपोर्टर: आज तो पुड़िया दे दो।
पैडलर: (आगे खड़े दो युवकों की ओर इशारा) उधर बात कर लो, पांच मिनट में सामान आ जाएगा।
रिपोर्टर: एक पुडिय़ा कितने की आएगी?
पैडलर: ड्रग्स की पुडिय़ा 500 रुपए में।
रिपोर्टर: और क्या-क्या बिकती है?
पैडलर: जो चाहिए, सब मिलेगा, गांजा, चरस, ब्राउन शुगर और एमडी।
रिपोर्टर: ठीक है, चलो शाम में आता हूं। (पत्रिका ने एक नशेड़ी से बात की तो महाकाल क्षेत्र में नशे के ठिकाने और पैडलर को लेकर राज उगल दिए।)
रिपोर्टर: माल कौन देता है, मुझे कहां से मिलेगा?
नशेड़ी: बेगमबाग में फैजान, अमन, गरीब नवाज कॉलोनी में दिन में, मौलाना साहब की दरगाह के पास रात में याहया लाला माल देता है। नीलगंगा में चांदशाह वली दरगाह के पास अयाज और खौंचा सामान बेचता है। (ptrika raksha kavach abhiyan)इमरान ड्राइवर तो एमडी भी दे देगा।
जबलपुर. नशे के सौदागर जबलपुर को कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। यहां बाहर से प्रतिबंधित मंगवाकर प्रदेश के दूसरे इलाकों में भेजा जा रहा है। माढ़ोताल पुलिस ने इसका खुलासा किया। पुलिस ने देहरादून (उत्तराखंड) स्थित मेसर्स मैक्वाक्योर फार्मा से भेजी गई प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप पकड़ी। यहां से इसे दमोह जिले के गुरबा स्थित सचिन मेडिकोज को भेजने की तैयारी थी।
इसका ऑर्डर हिमांशु झा नामक व्यक्ति ने बुक कराया था। पुलिस ने बताया, वीआरएल ट्रांसपोर्ट के गोदाम में 8.64 लाख रुपए की 4800 बोतल सीरप रखी थी। सोमवार को इसकी डिलीवरी लेने की तैयारी थी। इससे पहले ही गोदाम में दबिश देकर पुलिस ने कफ सीरप जब्त कर ली। सिरप भेजने वाली कंपनी, ऑर्डर बुक कराने वाले और मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जबलपुर के माढ़ोताल थाना टीआइ वीरेंद्र पवार ने बताया, कटंगी में वीआरएल ट्रांसपोर्ट के गोदाम में छापेमारी की। मूलत: वाराणसी का ट्रांसपोर्ट मैनेजर सुमित यादव मिला। निशानदेही पर जब्ती की।
Published on:
16 Feb 2026 10:17 am
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