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नदी में पनडुब्बी से रातभर निकालते हैं बजरी, ट्रैक्टरों की लगती है लाइन

खनिज विभाग की अनदेखी, नहीं हो रही कार्रवाई

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Illegal mining

विदिशा. जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर कागपुर के पास गड़ला पंचायत के ग्राम कनारी मेंंं नदी से अवैध उत्खनन कर रातभर पनडुब्बी से बजरी निकालने और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर परिवहन करने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। वहीं दिन में काम बंद रखा जाता है और खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें लगना शुरू हो जाती हैं। प्रतिबंध के बावजूद बजरी के अवैध उत्खनन पर पेश है पत्रिका से अनिल सोनी और फोटोग्राफर ओमप्रकाश अग्रवाल की लाइव रिपोर्ट।

पत्रिका टीम मंगलवार की दोपहर एक बजे जब कनारी गांव से नदी तक पहुंचने के लिए खेत में बनाई गई पगडंडी से होते हुए जब वहां पहुंची, तो नदी किनारे खेत में 30 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े हुए थे। नदी में पनडुब्बी से बजरी निकालने के लिए टंकियों के सहारे बड़ी पाइप लाइन बीच नदी तक डली हुई थी। नदी किनारे पाइप से बजरी खींचकर छानने के लिए बड़ा छन्ना लगा हुआ था, जिससे छनकर निकली बजरी के ढेर लगे हुए थे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चालक यहां-वहां बैठे हुए थे। वहीं रातभर काम करने वाले कर्मचारी खेत में ही सो रहे थे।

कैमरा देखत ही मची भगदड़
पत्रिका टीम ने जैसे ही फोटोग्राफी शुरू की तो वहां हड़कंप की स्थिति देखने को मिली और लोग यहां-वहां होते नजर आए। वहीं उनमें से कुछ लोग मोबाइल से अपने मालिक को फोन लगाते नजर आए। एक ने हिम्मत करके पूछ ही लिया कि आप कहां से आए हैं। जैसे ही पत्रिका टीम ने उन्हें अपना परिचय दिया, तो वे फोटो नहीं खींचने और खबर नहीं लगाने की गुहार लगाने लगे और अपने मालिक से भी बात करवाने का प्रयास किया। इस दौरान जो कर्मचारी सो रहे थे उनमें से दो लोग जाग गए। वहां मौजूद लोगों से पूछने पर पता चला कि यहां दिन में नहीं अपितु रात को बजरी निकालने का काम मशीनों से किया जाता है और दिन में पनडुब्बी को यहां-वहां गोल कर दिया जाता है। जिससे कि वहां पहुंचने पर अवैध उत्खनन जैसा कुछ नजर नहीं आए। प्रतिदिन यहां से रातभर में 30 से 40 ट्रॉली बजरी यहां से निकाली जा रही है। जिसे ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहर में यहां-वहां बेचा जा रहा है।

कहीं मिलीभगत तो नहीं है?
इतने बड़े पैमाने पर यहां प्रतिदिन हो रहे बजरी के अवैध उत्खनन के बावजूद खनिज विभाग और प्रशासन अंजान बना हुआ है। इसके अलावा भी जिलेभर में बजरी, पत्थर, मुरम आदि का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने की बजाए इससे अंजान बने रहते हैं। ऐसे में कार्रवाई नहीं होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कनारी में पहले भी जानकारी मिलने पर कार्रवाई की गई थी। यदि अब वहां रात को बजरी निकालने का कार्य किया जा रहा है, तो कार्रवाई कर बजरी के अवैध उत्खनन को बंद करवाया जाएगा।
-रमेश पटेल, जिला खनिज अधिकारी