गंजबासौदा। शहर और ग्रामीण
क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पेथालॉजी लैब संचालित की जा रही हैं। इन लैबों में हो
रही जांच पर न तो डॉक्टर आसानी से भरोसा करते हैं और न ही ठीक तरह से बीमारियों के
बारे में जानकारी मिल पाती है जिसके चलते मरीजों को कई जगह पर जांच करानी पड़ती है
और आखिर में मुश्किल से बीमारी का पता चल पाता है।
सरकारी अस्पताल के
पास संचालित हो रहीं कई पेथालॉजी लैब में अप्रशिक्षित कर्मचारी बैठे रहते हैं जो
मरीजों के खून का सैम्पल लेते हैं और वे खुद ही रिपोर्ट बना देते हैं। अस्पताल में
भर्ती कुछ मरीजों ने बताया कि कई बार जांच कराने के बाद यहां पर मलेरिया नहीं बताया
जाता जबकि विदिशा या भोपाल में जांच कराई जाती है तो मलेरिया बता दिया जाता है।
यहां पर डॉक्टरों के नाम से पेथालॉजी खोली दी है लेकिन डॉक्टरों का अता पता नहीं
होता है।
न तो इन पेथालॉजी के बोर्ड पर डॉक्टर का नाम दर्ज होता है और न ही
रजिस्टे्रशन का कोई जिक्र किया जाता है ऎसी पेथालॉजी दर्जनों की संख्या में हैं
जिनकी जांच नहीं होती है। इस मामले में सीएमएचओ से संपर्क करने की कोशिश की गई
लेकिन संपर्क नहीं हो सका।