
सौभाग्य और संतान की दीर्घायु के लिए आज होगी महालक्ष्मी पूजा, मिट्टी के हाथी पुजेंगे
विदिशा. सौभाग्य और संतान की कामना के लिए की जाने वाली महालक्ष्मी और हाथी पूजा 10 सितंबर को आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी को की जाएगी। इस दिन घर-घर मिट्टी के हाथी और महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा। धर्माधिकारी विनोद शास्त्री ने बताया कि इस दिन महिलाएं व्रत रखकर किसी जलाशय या नदी में जाकर 16 बार दुर्बा से तर्पण करती हैं और पूजा करती हैं। महिलाएं इस व्रत को अपने पुत्र पौत्रों की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए करतीं हैं। इस पूजा में सोलह का विशेष महत्व है।
पूजा करने वाली स्त्रियंा सोलह गांठ का एक गढ़ा तैयार करके महाालक्ष्मी को अर्पित करती हैं, 16 बार डुबकी लगाकर स्नान, 16 बार तर्पण, 16 बार मुंह धोना, 16 श्रंगार करना, 16 दीपक जलाना और 16 बोल की कहानी के साथ ही 16 सामग्री से पूजा की जाती है। प्रदोष काल में गोबर से लीपकर चौक पूरते हैं और फिर पटे पर मिट्टी के हाथी को रखकर पूजला की जाती है। महालक्ष्मी का पूजन गहने अलंकारों से करें और 16 बार कहानी कहें।
Published on:
10 Sept 2020 12:30 pm
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