
14 हजार फीस, फिर भी नहीं मिले 50 स्टूडेंट्स, प्राइवेट कोचिंग में मोटी फीस देकर कर रहे पढ़ाई
विदिशा गोविंद सक्सेना की रिपोर्ट....
महाराजा जीवाजीराव एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित एसएटीआई इस वक्त भारी संकट के दौर से गुजर रही है इसका सीधा असर कर्मचारियों पड रहा है जिन्हें अगस्त माह का वेतन भी अभी तक नहीं मिल सका है।
दीपावली सर पर है और ऐसे में कर्मचारियों का दीवाना निकल रहा है संस्थान के प्रबंधन अध्यक्ष स्वयं ज्योति राजे सिंधिया है लेकिन कर्मचारी पैसे पैसे के लिए मोहताज है।
10 करोड़ रुपयों की होती है आवश्यकता...
आईटीआई में ग्रांट ना बढ़ने से यह नौबत आ रही है। सरकार से शत- प्रतिशत अनुदान प्राप्त संस्था में काफी समय से 5 करोड अनुदान के रूप में एशियाई को मिल रहे हैं जबकि वेतन आने के लिए संस्थान को पांच कि नहीं 10 करोड़ रुपयों की आवश्यकता होती है।
अनुदान बढ़ाने के लिए संस्था स्तर पर कई बार प्रदेश सरकार को लिखा जा चुका है लेकिन संस्थान प्रबंधन और सरकार के बीच समन्वय न होने से दिक्कतें आ रही हैं ।यही कारण है कि कर्मचारियों को वेतन के भी लाले पड़ रहे हैं।
पिछले दिनों डायरेक्टर यश चौहान अपने स्टाफ को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष के पास मदद मांगने पहुंचे थे और संस्थान की ग्रांट बनाने में सरकार से सहयोग का आग्रह किया था।
ग्रांट मिलेगा तो होगा भुगतान....
उधर कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष धर्मेंद्र शाह का कहना है कि कर्मचारी बेहद परेशान है। करीब ढाई माह का वेतन न्यू हो गया है जिससे कर्मचारियों के स्थिति कंगाली की बन गई है। संस्थान के पास पैसा होते हुए प्रबंधन वेतन तक नहीं बांट रहा है।
संस्थान के डायरेक्टर डॉ जेएस चौहान का कहना है कि सरकार से ग्रांड ना मिलने से वेतन की परेशानी हुई है चतुर्थ श्रेणी और संविदा कर्मियों का वेतन नियमित निकल रहा है लेकिन बाकी स्टाफ का वेतन रुका हुआ है क्योंकि संस्थान के पास पैसा नहीं है जल्दी ही ग्रांट मिलेगी और सबके वेतन का भुगतान हो जाएगा।
Published on:
16 Oct 2018 11:10 am
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