
संतराम की मौत पर चढ़ा सियासी रंग, आरोपों के तीर और छींटाकसी तेज
विदिशा. मुरवास में संतराम वाल्मिकी की मौत के बाद से रोज नए घटनाक्रम में सियासी रंग चढ़ता जा रहा है। पहले विधायक उमाकांत शर्मा अपने समर्थकों के साथ मौके पर धरना और नारेबाजी, फिर बजरंग दल और विहिप नेताओं का मुरवास पहुंचना और अब कांग्रेस विधायक शशांक भार्गव, पूर्व विधायक निशंक जैन, सुभाष बोहत समेत 30 से ज्यादा लोगों की मुरवास पहुंचने की जिद ने माहौल पर पूरी तरह सियासत हावी कर दी है। कफ्र्यू में बंदिशे हैं, लेकिन आरोप-प्रत्यारोंपों के तीर और छींटाकसी तेजी से चल रही है। पुलिस और प्रशासन की लगातार मौजूदगी और निगरानी से मुरवास शांत है, लेकिन आरोपों की बौछारों ने यहां की फिजां को खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
ये हुए गिरफ्तार, मुचलके पर किया रिहा
कफ्र्यू के बावजूद मुरवास में घुसने की जिद कर रहे जिन कांग्रेसियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सिरोंज के पॉलीटेक्निक कॉलेज में बनाई अस्थाई जेल भेजा, उनमें विधायक शशांक भार्गव, पूर्व विधायक निशंक जैन, मप्र कांग्रेस सचिव सुभाष बोहत, मोहम्मद अदनान, देवेंद्र राठौर, रमेश तिवारी, दीवान किरार, अजय कटारे, मुआज कामिल, नरेंद्र रघुवंशी, दशन सक्सेना, धर्मेंद्र सक्सेना, सोनू राजपूत, जंडेल सिंह जादौन, लेखराज सिंह बघेल, कल्लू मियां, नरेंद्र पाटीदार, रजत गौड़, अंसार मियां आदि 31 लोग शामिल थे। जिन्हें गिरफ्तार कर मुचलके पर रिहा किया गया।
भ्रमण-पेट्रोलिंग पर फोकस
बुधवार का दिन पुलिस के लिए पूरे क्षेत्र के भ्रमण और पेट्रोलिंग पर रहा। मौसम के बदलाव और किसानों के खेती संबंधी कार्य को देखते हुए ग्रामीणों को गांव के ही अंदर जाने-आने की छूट प्रतिबंधों के साथ दी गई। लेकिन बाहरी लोगों के आने-जाने को पूरी तरह रोक कर रखा गया। इस बीच पूरे समय पुलिस और अधिकारियों के वाहन सायरन बजाते गांव और आसपास के क्षेत्र में घूमते रहे।
एसपी का टीम सहित तीसरे दिन भी डेरा
एसपी विनायक वर्मा, एएसपी संजय साहू, एसडीएम तन्मय वर्मा सहित क्यूआरएफ और 23 वीं बटालियन की एक-एक कंपनी और जिला पुलिस के 50 से ज्यादा जवान तीसरे दिन भी मुरवास में डेरा डाले रहे। गांव की अंदरूनी गतिविधियों के साथ ही बाहरी लोगों पर सख्त नजर है, ताकि कोई बाहर से आकर गांव का माहौल खराब न कर सके। ग्रामीणों द्वारा भी पुलिस और प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है। एसपी ने बताया कि एहतियात के तौर पर अभी कफ्र्यृ जारी रखा गया है।
भाजपा के गुण्डों ने घर जलाए-शशांक
विदिशा विधायक शशांक भार्गव ने पत्रिका को बताया कि हम पीडि़त परिवार से मिलने गए थे, लेकिन पुलिस ने जाने नहीं दिया। हमने जिद की तो जेल भेजा, तीन घंटे बाद छोड़ा गया। हमारी मांग है कि पीडि़त परिवार को एक करोड़ का मुआवजा मिले, एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। घटना के बाद धारा 144 के चलते भाजपा के गुण्डों ने गरीबों के घर जलाए और जिस तरह सिरोंज विधायक की मौजूदगी में प्रशासन को भद्दी गालियां दी गईं, वीडियो में उन लोगों को पहचान कर कार्रवाई की जाए। विधानसभा से मुझे जानकारी दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि वन भूमि पर जो लोग काबिज हैं उन्हें अभी बेदखल नहीं किया जाए, लेकिन फिर भी दबाव में यह कार्रवाई की जा रही है।
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कांग्रेसी माहौल खराब कर रहे-उमाकांत
सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने मंगलवार को कांग्रेसियों के मुरवास में घुसने के प्रयास पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए खुद पर लगाए आरोपों पर सफाई दी है। पत्रिका से उन्होंने कहा है कि जब मैं मुरवास गया था तब धारा 144 नहीं लगी थी। पीडि़त परिवार दहशत में था। मैंने नारे नहीं लगाए, कुछ अन्य लोगों ने लगाए होंगे जिनके लिए मैं उत्तरदाई नहीं। कांग्रेसियों को इतने दिनों बाद संतराम की याद आई है। वे अंगुली कटाकर शहीदों में नाम लिखाना चाहते हैं। कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी और उनसे जुड़े लोग यहां का माहौल खराब करना चाहते हैं। मेरे कारण मुरवास के हालात बिगड़े नहीं, बल्कि ठीक रहे हैं और कोई होता तो न जाने क्या होता। आज ही देख लो, कफ्र्यू तोडकऱ कांग्रेसियों को घुसने की क्या जरूरत थी?
वर्जन...
विदिशा विधायक समेत कांग्रेस के 31 नेता मुरवास आना चाहते थे और वे गांव में भ्रमण कर लोगों से मिलना चाहते थे। हमने कफ्र्यू में इजाजत न होने की बात कही। न मानने पर उन्हें प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले विभिन्न गतिविधियों में मुरवास के 17 लोगों को पहले गिरफ्तार किया था, मंगलवार को 5 लोगों को और हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
-विनायक वर्मा, एसपी विदिशा
मुरवास के कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तारी की थी, उन्होंने ही मुचलके पर रिहा किया है। अस्थाई रूप से निरुद्ध रखने के लिए यहां भेजा गया था, यहां कांग्रेसियों को रखा गया था, मैं यहां केवल व्यवस्थाओं के लिए मौजूद थी। उन्हें छोड़ दिया गया है। करीब एक घंटे ये कांग्रेसी यहां रोके गए थे।
-अंजलि शाह, एसडीएम सिरोंज
Published on:
23 Mar 2021 09:32 pm
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