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रेलवे स्टेशन पर घटिया निर्माण की खुलने लगी पोल

चबूतरों, नल स्टैंड और अन्य निर्माण कार्यों के निकलने लगे टाइल्स, प्रतिदिन हजारों यात्री होते हैं परेशान

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Vidisha railway station

विदिशा. रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन का नाम दिया गया है। लेकिन स्टेशन की हालत देखकर यह नाम इस पर कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। स्थानीय रेलवे प्रबंधन की लापरवाही के कारण करीब दो साल पूर्व यहां किए गए घटिया निर्माण कार्यों की कलई खुलने लगी है। चबूतरों में दरारें आ गई हैं, कांक्रीट की सीटें, चबूतरों और नल स्टैंड आदि के टाइल्स निकल रहे हैं ओर मोटी-मोटी दरारें आ रही हैं। जिससे प्रतिदिन कई यात्री परेशान होते हैं और हादसों का खतरा बना रहता है।

मालूम हो कि रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण के लिए यहां करीब दो वर्ष पूर्व तमाम निर्माण कार्य किए गए थे। आकर्षक टाइल्स लगाने के साथ ही मार्बल और कोटास्टोन आदि लगाया गया था। इसके साथ ही अन्य निर्माण कार्य किए गए थे। लेकिन स्थिति अब स्टेशन की कुछ ओर ही नजर आने लगी है। प्लेटफार्म एक पर बने कांक्रीट के चबूतरे में मोटी-मोटी दरारें आने लगी हैं। टाइल्स उखडऩे लगे हैं। स्थिति यह है कि इस चबूतरे पर बैठने के कारण कई बार यात्री नीचे गिरने से चोटिल हो चुके हैं। इसी प्रकार प्लेटफार्म तीन पर यात्रियों के बैठने के लिए बनी कांक्रीट की सीट के टाइल्स भी उखड़ गए हैं और इसमें भी मोटी-मोटी दरारें आ रहीं हैं। यात्रियों के बैठने पर इसके धसकने का खतरा हमेशा मंडराता रहता है, लेकिन जगह नहीं मिलने पर यहां बैठना यात्रियों की मजबूरी बन गया है। इसी प्रकार प्लेटफार्म दो पर बने कांक्रीट के एक चबूतरे के तो टाइल्स निकलने के साथ ही नीचे बड़ा छेद हो गया है। जिसमें जहरीले कीड़े आदि बैठे रहते हैं। जिनसे यात्रियों को हमेशा खतरा बना रहता है। इसी प्रकार कांक्रीट से बनाए गए अन्य चबूतरों और सीटों का भी यही हाल है। ऐसे में प्रतिदिन यात्रियों को परेशान होना पड़ता है।

नल स्टैंड्स भी खस्ताहाल
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के पानी पीने के लिए बनाए गए गई नल स्टैंड भी काफी खस्ताहाल हो रहे हैं। प्लेटफार्म चार पर बने पानी के एक नल स्टैंड की हालत तो यह हो रही है कि उसके चारों तरफ का आधे से ज्यादा मार्बल निकल गया है। पाइप टूटा होने के कारण पानी प्लेटफार्म पर बहता है। यही स्थिति अन्य प्लेटफार्म पर लगे कुछ नल स्टैंड की है। किसी के मार्बल या टाइल्स निकल रहे हैं, तो कई के पाइप टूटे होने के कारण पानी नल के चारों तरफ प्लेटफार्म पर बह जाता है। ऐसे में पानी में फिसलकर अक्सर यात्री गिर जाते हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

कई बैंच भी हो रहीं खराब
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर सीढिय़ों के नीचे रखी एक बैंच इतनी खस्ताहाल हो गई है कि वह पूरी तरह से टेड़ी हो गई है। जिस पर बैठने से कभी भी यात्री चोटिल हो सकते हैं। इसी तरह कुछ अन्य बैंच भी स्टेशन पर खस्ताहाल हैं, लेकिन रेलवे प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

नहीं दिखती प्लेटफार्म पर फिनिशिंग
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म दो, तीन और चार के दोनों तरफ किनारों पर कई मीटर तक निर्माण के समय फिनिशिंग का ध्यान नहीं रखा गया। इस कारण धरातल पर यहां कहीं टाईल्स नजर आते हैं, कहीं सीमेंट का प्लास्टर, तो कहीं बीच में ही जगह-जगह छोटे-बड़े जोड़ नजर आते हैं। ऐसे में प्लेटफार्म एक नजर में ही काफी घटिया नजर आते हैं। वहीं कई जगह मोटी-मोटी दरारें आ रही हैं। लेकिन जिम्मेदार मौन हैं और मॉडल स्टेशन की खूरसूरती को बरकरार रखने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

रेलवे स्टेशन पर 2016 में तमाम निर्माण कार्य हुए थे, लेकिन कई यात्रियों की लापरवाही के कारण टाइल्स आदि निकल गए हैं। जिनकी मरम्मत करवाई जाएगी। यह एक सतत प्रक्रिया है।
-हरिसिंह अहिरवार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे, विदिशा