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बेतवा पर ‘बंधा’ के पुनर्जीवित होने की उम्मीद टूटी

रेलवे ने निरस्त किया टैंडर, निर्माण कार्य के लिए मंजूर की गई थी 70 लाख रुपए की राशि
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विदिशा

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Bharat pandey

•

Updated: 14 Mar 2022, 1:09 AM IST

बेतवा पर ‘बंधा’ के पुनर्जीवित होने की उम्मीद टूटी

बेतवा पर ‘बंधा’ के पुनर्जीवित होने की उम्मीद टूटी

विदिशा। बेतवा पर रंगई स्थित बंधा के पुनर्जीवित होने का सपना अब टूट चुका है। इसके निर्माण के लिए रेलवे ने 70 लाख का टैंडर किया था। गत वर्ष निर्माण कार्य की तैयारी भी शुरू होने से लोग लोग उत्साहित थे कि वे फिर इस बंधा का आनंद ले सकेंगे, लेकिन गर्मी के लिए पानी और फिर बारिश के कारण काम रुका और अब इस कार्य के टैंडर ही निरस्त किए जा चुके हैं। ऐसे में बंधा के पुनजीर्वित होने की उम्मीद टूट गई है।

मालूम हो कि यह बंधा दरअसल रंगई रेलवे पुल के पास आजादी के पहले का बना बांध है। शहर में इसकी पहचान बंधा घाट नाम से ही है। बुजुर्ग बताते है कि रेलवे ने इस बांध का निर्माण उस समय किया था जब भाप से रेल इंजन चला करते थे। रेलवे स्टेशन पर इन इंजनों में पानी भरने एवं रेलवे प्लेटफार्म व क्वार्टरों की जलसपलाई भी यही से होती थी, बेतवा पर बना यह बंधा शहर के लोगों के लिए एक प्राकृतिक स्विमिंग पूल की तरह उपयोगी रहा है। शहर के वरिष्ठ व्यापारी, वरिष्ठ राजनीतिक, समाजसेवी, खिलाड़ी व प्रमुखजनों का न केवल यह पसंदीदा स्थल रहा बल्कि शहर के अधिकांश लोगों ने इसी बंधा पर तैरना सीखा है।

घाट भी उजड़ गया
बांध की उपयोगिता और लोगों के भावनात्मक जुड़ाव को देखते हुए तत्कालीन वित्तमंत्री राघवजी ने यहां घाट का निर्माण कराया था। वे यहां उन्होंने अपने सहपाठियों के साथ तैराकी की है। पांच वर्ष पूर्व यह बांध रातों रात ढह गया था। जगह-जगह बांध का मलबा पानी मेें पड़ा है और अब यह स्थान अब वीरान हो गया। घाट भी उजडऩे लगा है। हर तरफ गंदगी की भरमार ओर लोग इस स्थल को शराब का अड्डा भी बनाने लगे हैं।


निर्माण कार्य भी बंद
इस बांध के पुनर्निर्माण के लिए लोगों ने व्यक्तिगत रूप से प्रयास किए यहां तक जनता नपा सीएमओ ने भी रेलवे को पत्र लिखे थे। वहीं रेलवे ने भी अपनी जल सप्लाई में इसकी उपयोगिता को समझते हुए 70 लाख का टेंडर निकाला था निर्माण एजेंसी ने गत वर्ष यहां काम की शुरुआत भी कर दी थी, लेकिन उस दौरान पेयजल की समस्या और फिर बारिश होने से कार्य रुका रहा और अब टैंडर निरस्त हो जाने से यह कार्य बंद हो चुका है।

यह बांध विदिशा का गौरव और शान है
यह बांध विदिशा का गौरव और शान है। इसके निर्माण के लिए रेलवे अधिकारियों से चर्चा की जाएगी और अगर रेलवे यह कार्य नहीं कर पाएगी तो शासन स्तर पर चर्चा कर इसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
-मुकेश टंडन, पूर्व अध्यक्ष, नगर पालिका विदिशा


बंधा से हमारा बचपन से जुड़ाव है। इसके निर्माण के लिए व्यक्तिगत तौर पर रेलवे अधिकारियों से संपर्क किया था। फलस्वरूप इस कार्य के 70 लाख की राशि मंजूर हुई थी। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल से भी चर्चा कर यह कार्य कराने का प्रयास किया जाएगा। - राजेश राय, पूर्व पार्षद


यह बंधा आजादी के पहले का है। इसकी उपयोगिता आज भी है। तैराकी सीखने का शहर में यह प्रमुख स्थान रहा है। पूर्ववित्तमंत्री राघवजी एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रघुवीरचरण शर्मा सहित शहर के सभी वरिष्ठजनों का बंधा से गहरा जुड़ाव रहा। इसका पुनर्निर्माण होना चाहिए। -गोविंद देवलिया, समाजसेवी

बंधा का कार्य डिवीजन लेवल पर बंद किया गया है। पुरानी वाटर सप्लाई लाइन सक्सेसफुल नहीं हो पा रही। इसलिए यह कार्य कैंसिल कर दिया गया है। -एसएस नरवरिया, सीनियर सेक्शन इंजीनियर