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रामलीला मेले को सांकेतिक अनुमति, दुकानें लगेंगी, झूले-तमाशे नहीं

आर्थिक गतिविधियों को अनुमति का आधार बनाते हुए प्रशासन ने विदिशा के रामलीला मेले में दुकानें लगाने की अनुमति दे दी

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रामलीला मेले को सांकेतिक अनुमति, दुकानें लगेंगी, झूले-तमाशे नहीं

रामलीला मेले को सांकेतिक अनुमति, दुकानें लगेंगी, झूले-तमाशे नहीं

विदिशा. ऐतिहासिक रामलीला मेले को प्रशासन ने सांकेतिक अनुमति दे दी है। आर्थिक गतिविधियों को अनुमति का आधार बनाते हुए प्रशासन ने विदिशा के रामलीला मेले में दुकानें लगाने की अनुमति दे दी है। हालांकि मेले में खेल, तमाशे और झूले जैसे आइटम्स पर अब भी प्रतिबंध है। इसके साथ ही रामलीला मेला समिति ने दुकानदारों के लिए जगह आबंटित करने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है।


रामलीला मेले के 120 वर्ष के इतिहास में पहली बार कोरोना संक्रमण के कारण मेले पर ब्रेक लग रहा था, लेकिन ग्वालियर के मेले ने लोगों के मन में उम्मीद जगाई और विदिशा का मेला लगाने की मांग ने जोर पकड़ा। इस पर शासन से प्रशासन ने मार्गदर्शन भी मांगा था। हालांकि रामलीला करने की अनुमति दे दी गई थी और इस बार एक माह की रामलीला की जगह 10 दिन की रामलीला पर सहमति बनी थी। लेकिन अब रामलीला मेला परिसर में दुकानें लगाने को भी प्रशासन की अनुमति दे दी गई है। एसडीएम जीएस वर्मा ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों पर कोई रोक नहीं है, इसलिए मेला नहीं, लेकिन दुकानें लगाने को सहमति दे दी गई है। मेले में कोई झूले, खेल तमाशे, मौत का कुआं, जादूगर आदि के आइटम्स नहीं लगाए जाएंगे। केवल बाजार लगेगा। उधर रामलीला मेला समिति इसकी तैयारी में जुट गई है। समय कम बचने के कारण व्यापारी भी उलझन में है, लेकिन जमीन के आबंटन की तैयारी शुरू हो गई है। उम्मीद है कि देरी और सीमाओं के बावजूद करीब 250 दुकानें रामलीला परिसर में सज जाएंगी।