बोला- बेटी का नाम चेंज कराने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लिया 800 रुपये खर्चा, अब कलेक्टर को खर्चा पानी देने आया हूं
विदिशा. कहा जाता है कि सरकारी दफ्तरों में बिना खर्चा पानी दिए कोई काम नहीं होता आप कितने भी चक्कर काट लें लेकिन जब तक जेब ढीली नहीं करते काम पूरा नहीं होता। इसी तरह की समस्याओं को झेल रहा एक शख्स विदिशा में गुल्लक लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया। जब उससे पूछा गया तो उसने कहा कि उसे अपनी बेटी का नाम चेंज कराना है आंगनबाड़ी में 800 रुपए खर्चा पानी दे चुका है और अब कलेक्टर साहब जो खर्चा पानी बोलेंगे वो देने के लिए गुल्लक लेकर आया हूं। पूरा मामला जानिए...
बेटी का नाम चेंज कराने भटक रहा मजदूर पिता
विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील के हैदर गढ़ गांव का रहने वाला जसवंत कुशवाहा अपनी बेटी का नाम चेंज कराने के लिए बीते कई दिनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है है। वो इसी संबंध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचा था। जहां जसवंत ने बातचीत में बताया कि वो बेटी का नाम चेंज कराने के लिए कई बार तहसील और आंगनबाड़ी के चक्कर लगा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 800 रुपए खर्चा पानी भी दे चुका है लेकिन फिर भी बेटी का नाम चेंज नहीं हो रहा है। उसने आगे बताया कि बेटी का नाम चेंज न हो पाने के कारण उसकी बेटी को लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए वो नाम चेंज कराना चाहता है।
कलेक्टर को खर्चा पानी देने लाया गुल्लक
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 800 रुपए खर्चा पानी देने के कारण मजदूर जसवंत को लगा कि शायद कलेक्टर साहब को भी इस काम के लिए खर्चा पानी देना पड़ेगा इसलिए वो बेटी की गुल्लक लेकर आया है। वहीं इस मामले में जिला कलेक्टर ने भरोसा दिलाया है कि कुछ ही घंटों में मजदूर जसवंत की बेटी का नाम चेंज हो जाएगा और उसे लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ भी मिलेगा।
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