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इस वजह से क्षत-विक्षत हो रहे शव, नहीं लगीं मशीनें तो होगा बुरा हाल

तीन साल से अस्पताल में धुल खा रही कोल्ड बॉक्स मशीन

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Morchari

विदिशा। जिला अस्पताल को करीब तीन वर्ष पूर्व शव रखे जाने के लिए कोल्ड बॉक्स मशीनें मिलीं लेकिन यह मशीनें धूल खा रही हैं। इनके लिए अलग से कक्ष नहीं बन पाया और तीन साल बाद अब इन मशीनों को मर्चुरी कक्ष में रखे जाने के लिए स्थान तय किया जा रहा है। मालुम हो कि शासन ने जिला अस्पताल को लाखों रुपए कीमती दो कोल्ड बॉक्स उपलब्ध कराए गए थे। जिला अस्पताल प्रबंधन ने इन बाक्स को क्षय अस्पताल भवन में रखवा दिया। तब से अब तक यह दोनों बाक्स यहां रखे धूल खा रहे। इन बाक्स के ऊपर धूल की परत जम चुकी। इसके आसपास अन्य कबाड़ा भी पटक दिया गया। इससे इन लाखों रुपए कीमती बाक्स की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। तीन साल बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने इन बाक्सों को व्यस्थित रूप से स्थापित करने के प्रयास शुरू किए हैं।

कक्ष न बनने से अटका मामला
मिली जानकारी के अनुसार इन कोल्ड बॉक्स के लिए अस्पताल में मर्चुरी के पास कक्ष निर्माण किया जाना तय हुआ। यहां स्थित वर्षों पुराने एक शेड को तोड़कर स्थान निकाला गया और कक्ष निर्माण के लिए अस्पताल प्रबंधन ने करीब 3 लाख 75 हजार रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा, लेकिन शासन से बजट नहीं मिलने के कारण लाखों रूपए की यह कोल्ड बॉक्स मशीनें वर्षों बाद भी नहीं लग पाई।

यह होगा फायदा
-अज्ञात शवों को पहचान के लिए 72 घंटे रखने के नियम का पालन हो सकेगा
-अभी 48 घंटे ही शव रख पाते हैं। गर्मी के दिनों में शव के लिए 48 घंटे रख पान मुश्किल होता है
-सर्वाधिक मामले जीआरपी संबंधी होते हैं जहां टे्रन से शव क्षत विक्षत हो जाता है और शव को रखने की व्यवस्था नहीं होने से मुश्किल आती है।
-इन कोल्ड बॉक्स से शव को तीन-चार दिन रखना आसान हो सकेगा।

मर्चुरी कक्ष में अभी एक बॉक्स रखने की तैयारी है। इस एक बॉक्स में दो शव रखे जा सकेंगे। मर्चरी कक्ष की एक दीवार तोड़कर यह स्थान तैयार कराया जाएगा।
-डॉ. संजय खरे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल