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जवानी का प्यार बुढ़ापे में भी नहीं हुआ खत्म, पति ने पत्नी की हसरतें पूरी करने के लिए किया कुछ ऐसा कि दंग रह जाएंगे आप

पिता की मृत्यु के बाद जब सारी ज़िम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई तो उनका घूमना-फिरना सब बंद हो गया।

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Sunil Chaurasia

Jul 24, 2018

vijayan

जवानी का प्यार बुढ़ापे में भी नहीं हुआ खत्म, पति ने पत्नी की हसरतें पूरी करने के लिए किया कुछ ऐसा कि दंग रह जाएंगे आप

नई दिल्ली। आपने अपने जीवन में एक से बढ़कर एक प्रेम-कथाएं सुनी होंगी। इनमें से आपने कई प्रेम-कथाएं तो बुजुर्गों की भी सुनी होंगी। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी प्यारी सी प्रेम कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे सुनने के बाद आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। ये पूरी प्रेम कहानी चाय से जुड़ी हुई है। जैसा कि पूरी दुनिया जानती है कि हमारे देश में चाय को काफी पसंद किया जाता है। देश में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने चाय बेचकर एक बड़ा मुनाफा कमा लिया। इतना ही नहीं हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी बचपन में चाय ही बेचा करते थे। आज की इस लव स्टोरी में हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने चाय बेचकर इतना पैसा कमा लिया कि उन्होंने अपनी पत्नी को 17 देशों की यात्रा करा चुके हैं।

केरल के कोच्चि के रहने वाले विजयन ने अपनी पत्नी मोहना को यूएई , ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, फ्रांस, इजिप्ट समेत कुल 17 देशों की यात्रा करा चुके हैं। कोच्चि में विजयन की श्री बालाजी कॉफी हाउस नाम से एक दुकान है, जिसे वे पिछले 43 सालों से चला रहे हैं। विजयन की उम्र इस वक्त 68 साल है। दरअसल इस कपल का सपना है कि वे विश्व के विभिन्न देशों में घूमें। विजयन ने बताया कि वे विदेश यात्राओं के अलावा कोई और खर्च नहीं करते हैं। वे अपनी दुकान से रोज़ाना 300 रुपए की बचत कर लेते हैं। लेकिन विदेश यात्रा के लिए इतने रुपये काफी नहीं है। ऐसे में वे बैंक से लोन लेते हैं और अपने सपने को पूरा करते हैं। बैंक से लिया लोन चुकाने में विजयन को दो से तीन साल तक का समय लग जाता है। विजयन और मोहना अगली यात्रा बैंक का लोन चुकाने के बाद ही करते हैं। विजयन अपनी पत्नी मोहना की खुशियों के लिए वो सब करते हैं जो वे चाहती हैं।

विजयन ने बताया कि बचपन में उनके पिता उन्हें आस-पास की कई जगहों पर घुमाने के लिए ले जाया करते थे। लेकिन पिता की मृत्यु के बाद जब सारी ज़िम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई तो उनका घूमना-फिरना सब बंद हो गया। लेकिन कुछ सालों के बाद वो समय आ ही गया, जब वे फिर से घूमने-फिरने की स्थिति में आ गए। साल 1988 से उन्होंने अपने इस शौक को एक बार फिर से शुरू कर दिया। जो लगातार चल रहा है।