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सच्चे प्रेम का किस्सा: 82 साल के राजस्थानी गेटकीपर को वापस मिल गया ‘पहला प्यार’

- पचास साल बाद आई ऑस्ट्रेलियाई प्रेमिका की चिट्ठी- जल्द ही ऑस्ट्रेलिया से भारत आएगी प्रेमिका ।

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सच्चे प्रेम का किस्सा: 82 साल के राजस्थानी गेटकीपर को वापस मिल गया 'पहला प्यार'

सच्चे प्रेम का किस्सा: 82 साल के राजस्थानी गेटकीपर को वापस मिल गया 'पहला प्यार'

नई दिल्ली। प्यार की कोई सीमा नहीं होती। यदि यकीन न हो तो राजस्थान के जैसलमेर जिले के कुलधरा गांव के 82 वर्षीय गेटकीपर की कहानी पढ़ें। पचास साल बाद उसे अपना पहला प्यार फिर से मिल गया है। ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए एक साक्षात्कार में गेटकीपर ने बताया कि तीस साल की उम्र में उसे एक ऑस्ट्रेलियाई युवती मरीना से तब पहली नजर का प्यार हो गया था जब वह राजस्थान घूमने आई थी। गेटकीपर ने बताया, 'मरीना पांच दिनों के ट्रिप पर राजस्थान आई थी। उस दौरान दोनों की निगाहें मिलती रहीं। अपनी यात्रा के अंत में जब उसने आइ लव यू कहा तो शर्म से मेरा गाल लाल हो गया था। इससे पहले किसी ने ऐसा नहीं कहा था। मैं एक शब्द भी नहीं बोल सका।'

गेटकीपर ने बताया कि मरीना के शादी का प्रस्ताव देने के बाद वह भारत लौट आया। पारिवारिक दबाव में शादी कर कुलधरा में गेटकीपर की नौकरी करने लगा। बकौल गेटकीपर, समय के साथ उसकी यादें भी धूमिल होने लगी थी। मेरा बेटा बड़ा होकर अलग हो चुका है और पत्नी का भी निधन हो चुका है। मैंने मान लिया कि मरीना भी शादी करके अपना घर बसा चुकी होगी। मुझे उम्मीद नहीं थी कि उसे फिर कभी देख सकूंगा। मैं फिर २१ साल के युवा की तरह महसूस कर रहा हूं।

जल्द भारत आएगी-
करीब 50 साल बाद गेटकीपर को मरीना का पत्र मिला, लिखा था- 'हाऊ आर यू, माई फ्रैंडÓ। उसने बताया मरीना ने मुझे ढूंढ लिया। रोज फोन पर बात होती है। उसने बताया मरीना जल्द भारत आएगी।

उसने अंग्रेजी सिखाई, इसने घूमर-
ऑस्ट्रेलिया लौटने के बाद भी मरीना का गेटकीपर से संवाद बना रहा। गेटकीपर कर्ज लेकर ऑस्ट्रेलिया जाकर तीन महीने रहा। मरीना ने उसे अंग्रेजी सिखाई और इसने उसे घूमर नृत्य। मरीना ने शादी का प्रस्ताव भी रखा। वह ऑस्ट्रेलिया नहीं छोडऩा चाहती थी और गेटकीपर अपने परिवार के साथ रहना चाहता था।

कुलधरा से जुड़ा भूतिया किस्सा-
जैलसमेर के कुलधरा में करीब 300 साल पहले समृद्ध पालीवाल ब्राह्मण बसते थे। मान्यता है कि कभी राजा के निरकुंश प्रधानमंत्री सलीम की बुरी नजर ग्राम प्रधान की बेटी पर पड़ी। 85 गांवों के लोग इसे निर्जन रहने का श्राप देते हुए रातोंरात पलायान कर गए। तब से इसे भूतिया गांव माना जाता है।