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ZEALANDIA : प्रशांत महासागर की गहराई में मिला दुनिया का आठवां महाद्वीप ‘जीलैंडिया’

-2.30 करोड़ वर्ष पहले समुद्र में डूब गया था ‘जीलैंडिया’ (Zealandia drowned 230 million years ago) -ऑस्ट्रेलिया से दक्षिण-पूर्व में न्यूजीलैंड के ऊपर मौजूद -भारत से डेढ़ गुना है क्षेत्रफल

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Pushpesh Sharma

Jun 25, 2020

ZEALANDIA : प्रशांत महासागर की गहराई में मिला दुनिया का आठवां महाद्वीप ‘जीलैंडिया’

ZEALANDIA : प्रशांत महासागर की गहराई में मिला दुनिया का आठवां महाद्वीप ‘जीलैंडिया’

नई दिल्ली. यदि आपसे पूछा जाए कि पृथ्वी पर कितने महाद्वीप हैं तो आपका जवाब निस्संदेह सात ही होगा। अन्टार्टिका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्ऱीका, यूरोप, दक्षिणी अमरीका और उत्तरी अमरीका। लेकिन नई खोज ने इस जवाब को बदल दिया है। जी हां, न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने अब एक और नए महाद्वीप का पता लगाया है, जिसका नाम है ‘जीलैंडिया’ और यह ऑस्टे्रलिया से दक्षिण-पूर्व में न्यूजीलैंड के ऊपर है। वैज्ञानिकों ने नए महाद्वीप की खोज के साथ नया मानचित्र भी जारी किया है, लेकिन अब ये महाद्वीप समुद्र के भीतर है। क्योंकि वैज्ञानिकों का दावा है, यह महाद्वीप करीब 2.30 करोड़ वर्ष पहले समुद्र में समा गया था। इस महाद्वीप के बारे में पहली बार तीन वर्ष पहले पता चला था। तब से इस पर लगातार वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं।

2017 में शुरू हुआ खोजने का काम
न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने नए महाद्वीप का टेक्टोनिक और बैथीमेट्रिक नक्शा तैयार किया है। ताकि इसकी भूकंपीय गतिविधियों और समुद्री जानकारियों के बारे में पता किया जा सके। जीएनएल साइंस के जियोलॉजिस्ट निक मोरटाइमर ने कहा कि ये एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि हैं। निक मोरटाइमर ने बताया कि आठवें महाद्वीप का कॉन्सेप्ट 1995 में आया था। लेकिन इसे खोजने में 2017 तक समय लगा और फिर इसे खोए हुए आठवें महाद्वीप की मान्यता दी गई।

ऐसा है आठवां महाद्वीप जीलैंडिया (Such is the eighth continent Zealand)
जीलैंडिया, प्रशांत महासागर के अंदर 3800 फीट की गहराई में मौजूद है। नए नक्शे से पता चला है कि जीलैंडिया में बेहद ऊंची-नीची जमीन है। कहीं बेहद ऊंचे पहाड़ हैं तो कहीं बेहद गहरी घाटियां। ‘जीलैंडिया’ 50 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है। यानी यह भारत के क्षेत्रफल से करीब 17 लाख वर्ग किलोमीटर बड़ा है। भारत का क्षेत्रफल 32.87 लाख वर्ग किलोमीटर है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जीलैंडिया सुपरकॉन्टीनेंट गोंडवाना लैंड से 7.90 करोड़ साल पहले टूटा था।

लॉर्ड होव आइलैंड के पास निकली गुंबदनुमा चट्टान
जीलैंडिया का पूरा हिस्सा समुद्र के अंदर है, लेकिन लॉर्ड होवे आइलैंड के पास बॉल्स पिरामिड नाम की चट्टान समुद्र से बाहर निकली हुई है। इसी जगह से पता चलता है कि समुद्र के नीचे एक और महाद्वीप है। महाद्वीप का 94 फीसदी हिस्सा पानी में डूबा हुआ है।