
जे0529-4351 का द्रव्यमान 17 अरब सूर्य के बराबर है
कैनबरा. खगोलविदों ने अब तक का सबसे तेज बढऩे वाला ब्लैकहोल खोजा है, जो ब्रह्मांड में ज्ञात सबसे चमकीला ऑब्जेक्ट भी है। ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) के शोधकर्ताओं ने बताया कि यह ब्लैकहोल ब्रह्मांड का सबसे ज्यादा चमकीला ऑब्जेक्ट है, जो हमारे सूर्य से 500 ट्रिलियन (खरब) गुना अधिक चमकीला है। एएनयू में एसोसिएट प्रोफेसर और अध्ययन के मुख्य लेखक क्रिश्चियन वुल्फ ने कहा कि आकार में यह अब तक खोजे गए ब्लैकहोल में सबसे बड़ा है। इस ब्लैकहोल को जे0529-4351 नाम दिया गया है, जिसका द्रव्यमान 17 अरब सूर्य के बराबर है, यानी सूर्य से 17 अरब गुना ज्यादा।
सोमवार को नेचर एस्ट्रोनॉमी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के सह लेखक क्रिस्टोफर ओंकेन ने बताया कि यह अचरज की बात है कि अब तक इतने विशाल ब्लैकहोल का पता नहीं चल सका, जबकि इससे छोटे या कम प्रभावशाली ब्लैकहोल्स के बारे में जानकारी है।
2022 में मिला, खासियत अब पता चली
शोधकर्ता रचेल वेबस्टर ने बताया कि इस ब्लैकहोल का पता 2022 में न्यू साउथवेल्स में कूनाबारब्रान के निकट एएनयू साइडिंग स्प्रिंग ऑब्जर्वेटरी की 2.3 मीटर लंबी दूरबीन के जरिए लगाया गया था। लेकिन अध्ययन के बाद अब इसकी जानकारी सामने आई है। अनुसंधान दल ने ब्लैकहोल की प्रकृति और द्रव्यमान की पुष्टि के लिए चिली में दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीनों में से एक यूरोपीय दक्षिणी वेधशाला की मदद ली।
रोज एक सूर्य खा लेता है
ब्लैकहोल जे0529-4351 पृथ्वी से इतना दूर है कि इसकी रोशनी पृथ्वी तक पहुंचने में ही 12 अरब साल लग जाएं। यह ब्लैकहोल अब तक का सबसे तेज बढ़ता हुआ ब्लैकहोल है। रोज यह इतना पदार्थ खा लेता है (समाहित), जो एक सूर्य के बराबर है। अर्थात रोज यह एक सूरज को हड़प कर जाता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक इसका घेरा ही सात प्रकाश वर्ष के बराबर है।
ब्लैकहोल क्या है?
ब्लैकहोल हमारे ब्रह्मांड के ऐसे स्थान हैं, जहां फिजिक्स का कोई नियम काम नहीं करता। वहां सिर्फ गुरुत्वाकर्षण और घना अंधेरा है। यहां गुरुत्वाकर्षण इतना शक्तिशाली होता है कि प्रकाश को भी नहीं छोड़ता। जो भी चीज ब्लैकहोल के अंदर जाती है, वह बाहर नहीं आ सकती।
Published on:
21 Feb 2024 12:13 am
बड़ी खबरें
View Allअजब गजब
ट्रेंडिंग
