
प्रभू श्रीराम और माता सीता के बीच उम्र में था इतने सालों का था अंतर, यहां किया गया है इस बात का जिक्र
नई दिल्ली। हिंदू धर्म में कई सारे पौराणिक ग्रंथ हैं जिनमें तरह-तरह की कहानियों का वर्णन किया गया है। पुराने जमाने की उन घटनाओं को कहानी के रूप में जब हम सुनते हैं तो हमें कई प्रकार की सीख मिलती है, सही और गलत के बीच अंतर समझ में आता है। रामायण और महाभारत में भी कई तरह के किस्से हैं जिन्हें आज भी सुनना लोग पसंद करते हैं।
आज हम आपको पवित्र ग्रंथ रामायण से जुड़ी एक बात बताएंगे जिसके बारे में अभी भी बहुत कम लोगों को पता है। रामायण के इस रहस्य के बारे में कई व्यक्ति आज भी अंजान हैं। भगवान श्रीराम और सीता माता के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप बता सकते हैं कि उनके बीच उम्र में कितने साल का अंतर था? वैसे तो इसका जिक्र रामायण में किया गया है, लेकिन कई लोगों को आज भी इस बात की जानकारी नहीं है।
जैसा कि हम जानते हैं कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम भगवान विष्णु के ही अवतार हैं। राक्षसराज रावण का विनाश करने के लिए उन्होंने धरती पर राम के अवतार में जन्म लिया था। इधर सीता माता को आद्यशक्ति, सर्वमंगलदायिनी और वरदायनी माना जाता है। शास्त्रों में इस बात का जिक्र किया गया है कि सीता माता के नाम में ही उनकी उत्पत्ति का राज छिपा हुआ है।
हम जानते हैं कि सीता मइया मिथिला के राजा महाराज जनक की पुत्री थीं, लेकिन वास्तव में राजा जनक की कोई संतान नहीं थी और संतान प्राप्ति की कामना के लिए उन्हेंने एक यज्ञ किया था। यज्ञ करने के दौरान यज्ञभूमि में एक बालिका प्रकट हुई जिनका नाम सीता रखा गया।
माता सीता के विवाह के लिए स्वयंवर का आयोजन किया गया था। भगवान श्रीराम ने शिव जी के धनुष को तोड़कर उनसे विवाह किया था। रामाणय में एक दोहा है
'वर्ष अठारह की सिया, सत्ताइस के राम।
कीन्हों मन अभिलाष तब, करनो है सुर काम॥'
इसका तात्पर्य यह है कि माता सीता भगवान राम से 9 साल छोटी थीं। हालांकि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में ऐसा कहा गया है कि प्रभू श्रीराम सीता माता से 7 साल और एक महीने बड़े थे।
Updated on:
18 Feb 2019 10:48 am
Published on:
17 Feb 2019 12:31 pm
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