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डिवोर्स लेने से पहले इस कुंड को आजमां कर देखे, बन जाएंगे नए जमाने के हीर-रांझा

इस कुंड में नहाने से दंपत्तियों के बीच प्रेम बना रहता है जिस वजह से यहां न केवल नवविवाहित जोड़े बल्कि बुजुर्ग दंपत्ति भी नहाने आते हैं।

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भदैया कुंड

डिवोर्स लेने से पहले इस कुंड को आजमां कर देखे, बन जांएगें नए जमाने के हीर-रांझा

नई दिल्ली। शादी इंसान की जिंदगी में एक अहम स्थान रखता है। इंसान के लिए शादी जैसे बहुत जरूरी है ठीक वैसे ही शादी के बाद उस रिश्ते को बनाए रखना भी काफी जरूरी है। अकसर शादी के बाद आपसी सूझबूझ के अभाव में रिश्ते में खटास आने लगती है जिसके चलते मामला डिवोर्स तक पहुंच जाता है।किस्मत खराब हुई तो परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं।

इसी वजह से अपने बीच प्यार और समझ को बनाए रखने के लिए लोग मैरिज कांउसिलर से लेकर दरगाह तक के चक्कर लगाते रहते हैं। कभी-कभार तो टोने-टोटके का भी सहारा लेते हैं लेकिन इसके बावजूद अकसर बात नहीं बन पाती है। ऐसे में अगर हम आपसे कहें कि मात्र नहाने भर से रिश्ते में मधूरता आ जाएगी तो क्या आप यकीन करेंगे? सुनने में भले ही यह बात अजीब लगे लेकिन यह सच है।

हम यहां बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के शिवपुरी के भदैया कुंड के बारे में। जहां नहाने से पति-पत्नी के बीच के सारे झगड़े खत्म हो जाते हैं। यहां लोगों की ऐसी मान्यता है कि इस कुंड में नहाने से दंपत्तियों के बीच प्रेम बना रहता है जिस वजह से यहां न केवल नवविवाहित जोड़े बल्कि बुजुर्ग दंपत्ति भी नहाने आते हैं। यहां प्रेमी जोड़े भी इस आशा के साथ आते हैं कि यहां नहाने से उनके बीच कभी भी ब्रेकअप नहीं होगा।

यह कुंड काफी प्राचीन है। इसे सिंधिया के राजवंशो के द्वारा बनवाया गया था। यह जगह पहले सिंधिया रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी।

यहां जब भी बारिश होती है तो पानी चट्टानों से रिसकर एक वाटर फॉल का रूप लेता है और सीधे इस कुंड में आकर जमा होता है। यहां आने का उचित समय वर्षा ऋतु में है क्योंकि बरसात में ही इस झरने से पानी बहता है।

यहां लोगों का ऐसा भी कहना है कि जिन चट्टानों से रिसकर यह पानी आता है उसमें कुछ न कुछ चमत्कार तो जरूर है क्योंकि इस कुंड के पानी को काफी गुणकारी माना जाता है।

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