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कोबरा से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है यह पेड़, इसकी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं लोग

हम मनुष्य पेड़-पौधों की जितनी बढ़ाई करें उतनी कम है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अनोखे पेड़ के बारे में बताएंगे जो इंसानों को जीवन देने के बजाय उसके जीवन के लिए खतरा बन जाता है।

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Cerbera odollam the suicide tree

कोबरा से भी कहीं ज्यादा खतनाक है यह पेड़, इसकी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं लोग

नई दिल्ली। कुदरत ने हमें पेड़-पौधों के रूप में ऐसे महत्वपूर्ण खज़ाने से नवाज़ा है जिसके बिना जीवन को सोचना असंभव है। पेड़-पौधों की वजह से ही आज हम खुल के सांस लेते हैं। जहां पेड़-पौधों को मनुष्यों के लिए वरदान माना जाता है वहीं आयुर्वेद इन पेड़-पौधों को औषधीय मानता है। इनके जड़, फूल, पत्ते, छाल का कई दवाइयां बनाने में उपयोग किया जाता है। हम मनुष्य पेड़-पौधों की जितनी बढ़ाई करें उतनी कम है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अनोखे पेड़ के बारे में बताएंगे जो इंसानों को जीवन देने के बजाय उसके जीवन के लिए खतरा बन जाता है। सरबेरा ओडोलम नाम का यह पेड़ दिखने में बहुत ही सुंदर और आकर्षक लगता है लेकिन यह कितना जानलेवा है इसका अंदाजा आपको नहीं है। यह पेड़ दिखने में जितना सुंदर है उतना ही खतरनाक। कहते हैं कि यह पेड़ किंग कोबरा के ज़हर से भी ज्यादा खतरनाक है। सरबेरा ओडोलम को सुसाइड ट्री का नाम भी दिया गया है। सुसाइड ट्री भारत समेत दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ अन्य देशों में पाया जाता है। बता दें कि जहां-जहां यह पेड़ पाया जाता है वहां की सुरक्षा बढ़ा दी जाती है ताकि लोगों को इससे कोई नुकसान न पहुंचे।

माना जाता है कि हर हफ्ते इस पौधे से कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो जाती है। कई शोध करने के बाद पता चला है कि कई अन्य ज़हरीले पौधों में से यह सबसे ज्यादा जहरीला पेड़ है। इस पेड़ के जहरीले होने की वजह इसके फल का बीज है जिसमें सरबेरीन नामक तत्व पाया जाता है जो बेहद ज़हरीला होता है। अगर सरबेरीन विष की थोड़ी सी मात्रा कोई खा ले तो उसके शरीर में जलन और पीड़ा होने लगती है।गलती से भी सरबेरीन के सेवन से व्यक्ति को उल्टियां, अनियमित धड़कन और डायरिया जैसी परेशानी हो सकती है। सरबेरीन के खाने के कुछ घंटे बाद ही इंसान की मौत हो जाती है। यह बिलकुल मौत के इंजेक्शन की तरह काम करता है। सबसे मुश्किल बात तो यह है कि शरीर में जाने के बाद इसको ट्रेस कर पाना डॉक्टरों के लिए काफी मुश्किल होता है।