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450 सालों से Church में रखी डेड बॉडी करती है अजीबोगरीब हरकतें, मौजूद हैं कई दिव्य शक्तियां

इस चर्च में 450 सालों से एक ईसाई संत की डेड बॉडी को सहेज कर रखा गया है इस डेड बॉडी में कई दिव्य शाक्तियां मौजूद हैं

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Pratibha Tripathi

Dec 01, 2020

Church of Goa

Church of Goa

नई दिल्ली। मरने के बाद इंसान का शरीर पंचतत्व में लीन होकर अपनी योनी में पंहुच जाता है। जहां वो दूसरा जन्म लेकर पहली योनि से पूर तरह अलग हो जाता है लेकिन कुछ आत्माएं ऐसी भी होती है जो हमेशा के लिए इस संसार से जुड़ रहकर कुछ ना कुछ हरकते करते हुए आसपास होने का संकेत देती है। ऐसा ही कुछ गोवा (Old Goa Church) में एक ऐसे ही पुराने चर्च में देखने को मिला है, यह चर्च भारत में मौजूद सभी चर्च से अलग है।

इस चर्च के बारे में कहा जाता है कि यहां पर 450 सालों से एक ईसाई संत की डेड बॉडी को सहेज कर रखा गया है। जिसके बारे में कहा जाता है कि इस डेड बॉडी में कई दिव्य शाक्तियां मौजूद हैं जो अजीबोगरीब हरकत कर होने का आभास कराती हैं। इस डेड बॉडी से खून भी निकलता है।

आखिरी बार साल 2014 में लोगों को हुए थे दर्शन
गोवा में स्थित 'बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च' (Basilica of Bom Jesus Church) में सभी धर्मों के लोग आते हैं. इस चर्च में ही बीते 450 सालों से फ्रांसिस जेवियर (Francis Xavier) नामक शख्स की डेड बॉडी को संभालकर रखा गया है। यह एक बड़े संत थे। और इनके दर्शन करने के ले आज भी लोगों की भीड़ भारी मात्रा में जुटी रहती है। फ्रांसिस जेवियर की डेड बॉडी में आज भी दिव्य शाक्तियां मौजूद हैं।

कौन थे सेंट फ्रांसिस जेवियर?
फ्रांसिस जेवियर का जन्म 7 अप्रैल 1506 ई. को स्पेन में हुआ था। फ्रांसिस जेवियर पहले एक सिपाही थे। गोवा पर जब पुर्तगालियों का राज था, तब वहां के राजा जॉन थर्ड और उस वक्त के पोप ने जेसुइट मिशनरी बनाकर फ्रांसिस जेवियर को गोवा में धर्म के प्रचार के लिए भारत भेजा था। यहां कर फ्रांसिस जेवियर एक संत बनकर रहने लगे।

शव को तीन बार कब्र से बाहर निकाला गया

हर बड़े देशो में ईसाई धर्म का प्रचार करने के बाद उनकी मौत चीन में हो गई। लेकिन मरने से पहले उन्होंने अपनी आखिरी इच्छा में कहा था कि उन्हे गोवा में ही दफन किया जाए। जिसके बाद उनके शिष्यों ने उनके शव को गोवा में ही दफना दिया। लेकिन कई सालों बाद जब रोम के संतों का एक समूह वहां पर वापस आया, तो उन्होंने शव को कब्र से बाहर निकाला लिया।

फ्रांसिस जेवियर ने एक हाथ शरीर से अलग कर लिया था
इतने साल बीत जाने के बाद भी संत फ्रांसिस जेवियर का शरीर बैसा ही था जैसा उन्हें मरने के बाद दफनाया गया था। इतना ही नहीं, कुछ लोग मानते हैं कि अपनी मृत्यु से पहले सेंट जेवियर ने अपनी शक्तियों से अपना एक हाथ अपने शरीर से अलग कर दिया था। यह हाथ आज भी इसी चर्च में मौजूद है।