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इंसान के रूप में हैवान था यह शख्स, लड़कों को मारकर भी नहीं भरता था जी तो उनकी सड़ी हुई लाशों संग करता था ‘गंदा काम’

हम जिस अपराधी के बारे में बताने जा रहे हैं उसके आगे तो बड़े से बड़ा अपराध फेल है। इस कुख्यात अपराधी का नाम डेनिस एंड्रयू निल्सन है ।

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डेनिस एंड्रयू निल्सन

इंसान के रूप में हैवान था यह शख्स, लड़कों को मारकर भी नहीं भरता था जी तो उनके सड़े हुए लाशों संग करता था 'गंदा काम'

नई दिल्ली। समय-समय पर आपने इंसानों द्वारा किए गए ऐसे-ऐसे कूकृत्यों के बारे में सुना होगा जिसे जानने के बाद खुद के इंसान होने पर शर्म आई होगी। दुनिया में ऐसे लोग भरे पड़े हैं जिनके कारनामों को देखने के बाद उनसे घिन आती होगी, लेकिन आज हम जिस अपराधी के बारे में बताने जा रहे हैं उसके आगे तो बड़े से बड़ा अपराध फेल है।

बता दें, इस कुख्यात अपराधी का नाम डेनिस एंड्रयू निल्सन है जिसे किडनी किलर के नाम से भी जाना जाता है। यह शख्स इंग्लैंड के लंदन शहर का है। निल्सन ने कुल 12 लोगों को मौत के घाट उतारा था। सिर्फ इतना ही नहीं कत्ल के बाद वह लाशों के साथ महीनों कुकर्म भी करता था।

निल्सन ने साल 1978 से लेकर 1983 तक 12 से ज्यादा पुरुषों को दर्दनाक मौत दी। लोगों को मारने के बाद वह महीनों-महीनों तक उनके साथ गंदा काम करता था। इसके बाद शवों को जलाकर टॉयलेट में बहा देता था।

ऐसा कहा जाता है कि निल्सन पहले युवकों को पैसों का लालच देकर बुलाता था। लड़कों को वह बार से भी लेकर आता था क्योंकि वहां ज्यादातर लड़के शराब के नशे में धुत पड़े होते थे।घर लाने के बाद वह दर्दनाक तरीके से उनका कत्ल करता था। उसके निशाने पर ज्यादातर स्टूडेंट लड़के ही होते थे।

निल्सन को गिरफ्तार करके जब जेल में लाया गया तब वह बहुत सहज था। उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। उसने पुलिस को बड़े ही आराम से कहा कि वह अब तक 15 से 16 लड़कों की हत्या कार चुका है।

निल्सन को साल 1983 में उसकी हैवानियत की सजा मिली। निल्सन को जेल 70 साल की उम्र में हुई थी। 4 नवंबर 1983 वह दिन है जब उसे मौत की सजा सुनाई गई। हालांकि इस सजा से पहले निल्सन को 25 साल जेल में काम करते हुए बिताने थे।

निल्सन की मौत के बाद उसकी तकरीबन हजार पन्नों की सीक्रेट बायोग्राफी सामने आई थी जो खुद उसके द्वारा लिखा गया था। इस किताब का शीर्षक ‘द हिस्ट्री ऑफ ड्रोनिंग ब्वॉय’ था। हालांकि इसे प्रकाशित करने की अनुमति नहीं दी गई।

आपको बता दें, साल 1961 में निल्सन ब्रिटिश आर्मी को ज्वाइन किया था।वह वहां एक कुक के तौर पर काम करता था। साल 1970 में निल्सन ने सिविल सर्विस ज्वॉइन की और इसके बाद साल 1972 में उसने आर्मी की नौकरी छोड़ दी।