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ये परिवार खुद को बताता है भगवान ‘श्री राम’ का वंशज, इनकी शानों-शौकत देख उड़ेंगे होश

भगवान श्री राम के वंशज आज भी इस धरती पर मौजूद है और बेहद शानों-शौकत की जिंदगी गुजार रहे हैं।

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Descendant of Lord Rama

रामायण के बारे में हम सभी ने पढ़ा हैं और टेलीविजन में इसे देखा भी है। आज भी भगवान राम,लक्ष्मण और सीता माता के बारे में हम सुनते आ रहे हैं और उनकी पूजा भी करते हैं। भगवान श्रीराम के दो बेटे थे जिनका नाम क्रमश लव और कुश था। लेकिन क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है या जानने का प्रयास किया है कि लव-कुश की शादी किससे हुई? क्या आज भी प्रभू श्रीराम के वंशज धरती पर मौजूद है? अगर हां तो कौन है? आज उनकी स्थिति क्या है और वो कहां रहते हैं? आज आपके इन सभी सवालों का जवाब देंगे।

सबसे पहले बता दें कि भगवान श्रीराम के वशंज आज भी मौजुद है। बता दें जयपुर के पूर्व महाराज भवानी सिंह कुश के 309वें वंशज थे। इस बात का जिक्र महारानी पद्मिनी ने एक इंटरव्यू के दौरान किया था। साल 1912 के 21 अगस्त में महाराजा मानसिंह का जन्म हुआ। अपने जीवनकाल में राजा मानसिंह ने तीन शादियां की। इनमें से सबसे पहले उनकी शादी मात्र 12 साल की उम्र में जोधपुर के महाराजा सुमेर सिंह की बहन मरुधर कंवर से हुई थी। दूसरी शादी साल 1932 में उनकी पहली पत्नी की भतीजी किशोर कंवर से हुई और तीसरी शादी साल 1940 में 1940 में उन्होंने गायत्री देवी से हुई।

महाराजा मानसिंह और उनकी पहली पत्नी के बेटे का नाम भवानी सिंह है जिसकी शादी पद्मिनी देवी से हुई। इनकी इकलौती बेटी का नाम दीया कुमारी है। दीया की शादी नरेंद्र सिंह से हुई। दीया के दो बेटे और एक बेटी हैं जिनका नाम पद्मनाभ सिंह और लक्ष्यराज सिंह और गौरवी है। वर्तमान समय में दीया सवाई माधोपुर से बीजेपी विधायक हैं। दीया के बेटे पद्मनाभ ने 12 साल और लक्ष्यराज सिंह ने 9 साल की उम्र में जयपुर की रियासत संभाली।

दीया के पिता महाराजा भवानी सिंह का कोई पुत्र नहीं था जिस वजह से साल 2002 में उन्होंने अपनी बेटी दीया कुमारी के बेटों को गोद लिया। महाराजा भवानी सिंह के निधन के बाद साल 2011 में पद्मनाभ सिंह का राजतिलक हुआ था और साल 2013 लक्ष्यराज में गद्दी पर बैठे।

बता दें इस राजपरिवार की जिंदगी शानों शौकत से भरी हुई। जयपुर की शाही कार्यक्रमों में इन्हें अकसर देखा जाता है। महारानी पद्मिनी देवी शहर के कार्यक्रमों में बतौर चीफ गेस्ट के तौर पर नजर आती है। भले ही आजादी के बाद राजशाही को खत्म कर दिया गया लेकिन आज भी इस राज परिवार की जीवनशैली, रहन-सहन सब कुछ बेहद शानदार है जिसके कायल न केवल देशवासी है बल्कि विदेशी भी है इनके दीवानें।