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पान की पीक के दाग से परेशान हुआ गुवाहटी, फिर निकाली गई ये काम की तरकीब

पान-गुटखा खाकर लोग कई भी थूक देते हैं डिवाइडर को रंगने पर लोगों ने चंद मिनट में किया गंदा ऐसे में नगर निगम के कर्मचारियों ने ढूंढा नायाब तरीका

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Dividers

नई दिल्ली। भारत जैसे देश की एक बड़ी समस्या है कि यहां पान-गुटखा चबाने वाले लोग कहीं भी सड़कों और दीवारों को रंगीन करने से नहीं चूकते। खैर ये बात अलग है कि उन्हें वो जगह सड़ी हुई दिखाई देंगी तो वो दुनियाभर की गालियां भी देंगे कि साफ-सफाई तो हमारे देश में होती ही नहीं है।

अब पान और गुटखे खाकर सड़कों को गंदा करने वाले लोगों से निपटने के लिए गुवाहटी नगर निगम के अधिकारियों ने नई तरकीब निकाली है। शहर में जी एस रोड पर नए रंगे सड़क के डिवाइडरों पर 'पान' के दाग की समस्या से निपटने के लिए यहां के अधिकारियों ने कंक्रीट सेपरेटर को पॉलीथीन की चादरों से ढंक दिया है।

ये फैसला इसलिए किया गया क्योंकि यहां 15 दिसंबर को गुवाहाटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे की बैठक प्रस्तावित है। इस वीवीआईपी बैठक से पहले शहर के मुख्य सड़क के डिवाइडरों को काले और सफेद रंगों से रंगा गया था।

लेकिन इसके बावजूद कुछ ही मिनटों में डिवाइडर पान के लाल दागों से अटे पड़े थे। ऐसे में सड़क डीवाइडरों को बार-बार रंगने से बचने के लिए गुवाहाटी नगर निगम ने डीवाइडरों को प्लास्टिक की चादरों से ढ़कने का फैसला किया है।

हालांकि इतना सब करने के बाद भी लोग कहां बाज आने वाले थे। नगर निगम के सूत्रों ने बताया कि पॉलीथीन की चादरें भी लोगों को डीवाइडर पर पान थूकने से नहीं रोक सकी। लेकिन इन चादरों की वजह से नए रंगे सेपरेटर पान के दाग से बच गए।

नगर निगम के कर्मचारियों ने बताया कि क्षेत्र में आने वाले कुछ लोग जिनके पास समाज में रहने का ढंग नहीं है वे अपनी गाडियों को धीमा करने के बाद शीशे नीचे कर सड़क के डीवाइडरों पर पान की पीक मार देते हैं। जिससे हर जगह गंदगी नज़र आती है।