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इस मंदिर में भगवान हनुमान खुद तोड़ते हैं भक्तों के लिए नारियल, यकीन न हो देख लीजिए

पौष्टिकता से भरे नारियल के पानी का इस तरह बर्बाद होना कितना गलत है इस बात को बोटाड जिले के सारंगपुर में एक हनुमान मंदिर के प्रबंधकों ने ध्यान में रखा।

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इस मंदिर में भगवान हनुमान खुद तोड़ते हैं भक्तों के लिए नारियल, यकीन न हो खुद देख लीजिए

नई दिल्ली।भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जो अपने अनोखे रीति रिवाज और चमत्कार के लिए जाने जाते हैं। नारियल का हमारे आध्यात्मिक जीवन में बड़ा महत्वपूर्ण महत्त्व रहा है। नारियल को बहुत पवित्र फल माना जाता है। मंदिरों में भी भगवान को नारियल चढ़ाने की परंपरा है। अनुमान लगाइए हर रोज़ मंदिरों में कितने नारियल चढ़ाए जाते होंगे। नारियल को भगवान को चढ़ाने के बाद हम उसे प्रसाद के रूप में घर लेकर चले जाते हैं लेकिन नारियल का पानी बर्बाद हो जाता है। पौष्टिकता से भरे नारियल के पानी का इस तरह बर्बाद होना कितना गलत है इस बात को बोटाड जिले के सारंगपुर में एक हनुमान मंदिर के प्रबंधकों ने ध्यान में रखा। मंदिर की साफ-सफाई को भी ध्यान में रखते हुए यहां के प्रबंधन ने यहां मंदिर के प्रवेश द्वार पर हनुमानजी की एक और बड़ी प्रतिमा बाहर स्‍थापित कर उसमें मशीन लगाई है। यह अनोखी मशीन मंदिर में साफ-सफाई करने वाले लोगों का काम आसान करती है।

कैसे काम करती है यह मशीन

मंदिर के प्रवेश द्वार पर स्थापित इस मूर्ति का मुंह खुला हुआ है। जिस भक्त को भगवान को नारियल का भोग लगाना है वह इस मूर्ति के मुंह में नारियल डाल देता है। फिर चढ़ाया हुआ नारियल प्रसाद के रूप में भगवान हनुमान के हाथ के रस्ते वापस आ जाता है। इसके बाद नारियल पानी व छिलके भीतर टैंक में इकठ्ठा हो जाते हैं। बता दें कि सारंगपुर में विराजने वाले कष्‍टभंजन हनुमान यहां महाराजाधिराज के नाम से राज करते हैं। वे सोने के सिंहासन पर विराजकर अपने भक्‍तों की हर मुराद पूरी करते हैं। कहते हैं इस मंदिर में भक्तों की हर तकलीफ का इलाज होता है। चाहें वो बुरी नज़र का असर हो या शनि देव का प्रकोप।