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यहां प्रतिदिन खुफिया तरीके से किया जाता है तीन लाख लड्डुओं का निर्माण, कड़ी जांच के बाद मिलता है स्वाद

इस मंदिर के गुप्त रसोईघर के बारे में जहां रोजाना तीन लाख लड्डुओं को तैयार किया जाता है। यहां भक्तों द्वारा भगवान को लड्डू चढ़ाया जाता है।

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Arijita Sen

Jun 30, 2018

Laddu

यहां प्रतिदिन खुफिया तरीके से किया जाता है तीन लाख लड्डुओं का निर्माण, कड़ी जांच के बाद मिलता है स्वाद

नई दिल्ली।तिरुपति बालाजी का मंदिर भारत के मशहूर मंदिरों में से एक है। इस मंदिर में रोजाना लाखों लोग तिरुपति बालाजी के दर्शन को आते हैं। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमाला की पहाड़ियों पर यह मंदिर स्थित है। इस मंदिर में तिरुपति बालाजी अपनी पत्नी लक्ष्मी जी के साथ विराजित हैं। इस मंदिर को भारत के सम्पन्न मंदिरों में से एक माना जाता है। यह मंदिर द्रविड़ स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट नमूना है।

अब जरा बात करते है इस मंदिर के उस गुप्त रसोईघर के बारे में जहां रोजाना तीन लाख लड्डुओं को तैयार किया जाता है। यहां भक्तों द्वारा भगवान को लड्डू चढ़ाया जाता है।

हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि आज भी यहां इन्हें बनाने के लिए पारंपरिक शैली का उपयोग किया जाता है। इन लड्डुओं को खास कारीगरों द्वारा निर्मित किया जाता है।

जिस गुप्त रसोईघर में इन्हें तैयार किया जाता है वहां हर किसी को जाने की अनुमति नहीं होती है। यहां पुजारी सहित कुछ खास लोग ही प्रवेश कर सकते हैं। इस खूफिया रसोईघर को 'पोटू' के नाम से जाना जाता है।

इन लड्डुओं को बेसन, किशमिश, मक्खन, काजू और इलायची से बनाया जाता है। इनका वजन 174 ग्राम का होता है। यहां प्रसाद के रूप में भी दर्शनार्थियों को यही लड्डू दिया जाता है। इनकी सबसे खास बात तो यह है कि ये कई दिनों तक खराब नहीं होती है। इन्हें आप लंबे समय तक रखकर आराम से खा सकते है। इनकी कीमत भी ज्यादा नहीं हैं। मात्र 10 से 25 रूपए खर्च कर आप इन स्वादिष्ट लड्डुओं को खरीद सकते है।बता दें, तिरुपति बालाजी के मंदिर में इन लड्डुओं का इतिहास 300 साल से भी ज़्यादा पुराना है।

अब बता दें कि इन लड्डुओं को पाना आसान नहीं है। इसके लिए आपको लंबी कतारों में खड़े रहकर घंटों इंतजार करना पड़ सकता है। यहां आपको सबसे पहले हाइटेक कूपन लेना होगा।इसमें सुरक्षा कोड और बायोमेट्रिक विवरण होते हैं जैसे कि चेहरे को पहचानना इत्यादि।

इस कूपन को पाने के बाद यहां बैठे कार्यकर्ता एक-एक टिकट की वैधता और पैसे की जांच करते हैं। इन मशक्कतों के बाद आपको इन लड्डुओं को पाने की इजाजत मिल पाती है।

अगर आप भी इन स्वादिष्ट लड्डुओं के स्वाद का आनंद पाना चाहते है तो इसके लिए आपको यहां जाना होगा। तिरुपति जाने का सबसे उपयुक्त समय सितंबर से फरवरी के बीच का है। इस दौरान यहां मौसम काफी अच्छा रहता है।

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