
क्या आप जानते हैं दुनिया की महंगी कारों के बैज से जुड़ी ये दिलचस्प बातें
कारों पर लगे ब्रांड लोगो या बैज पर हमने शायद ही कभी गौर किया हो। लेकिन इनके पीछे पूरा अतीत और कहानियां छिपी हुई हैं। ब्रिटिश मूर्तिकार चाल्र्स साइक्स ने 1919 में बेंटले के संस्थापक डब्ल्यू. ओ. के लिए ‘फ्लाइंग बी’ का लोगो तैयार किया था। इसके बाद मालिक अपने ढंग से इसमें बदलाव करते रहे। लेकिन 1930 के बाद फ्लाइंग बी को ही मानक रूप में अपना लिया गया। इसके बाद ब्रिटिश चित्रकार गॉर्डन क्रॉस्बी ने मूल डिजाइन में थोड़ा परिवर्तन कर पंखों को अलग रूप दिया। क्रॉस्बी ने ही 1930 के दशक में कारों की तेज गति के लिए छलांग लगाते हुए जगुआर की कल्पना की थी, जो उस दौर में दुनिया की कई कारों के शुभंकर और बैज के रूप में प्रचलित हुआ। मूर्तिकार साइक्स ने ही रोल्स रॉयस का आइकॉन तैयार किया, जिसे ‘स्प्रिट ऑफ एक्सटेसी’ कहा जाता है।
रोल्स रॉयस के हुड पर परी के रूप में दोस्त की मालकिन
रोल्स रॉयस के हुड पर एक परी का शुभंकर बनाया। इससे साइक्स का अभिप्राय ये था कि कार इतनी आसानी से दौड़ती है कि उस पर सवार परी को बिल्कुल भी परेशानी नहीं होती। परी के रूप में उन्होंने अपने दोस्त की मालकिन एलेनॉर थॉन्र्टन को प्रतिकृति के रूप में चुना। इटली में फेरारी के प्रतीक चिह्न काले घोड़े को प्रथम विश्व युद्ध के सैनिक फ्रांसेस्को बाराक की मां ने फेरारी के संस्थापक एंजो फेरारी को गिफ्ट किया था। बाराक इसी घोड़े की मदद से युद्ध विमान में सवार हुए थे। ऐसा कहा जाता है, बाराक की मां ने फेरारी से कहा था कि मेरे बेटे के घोड़े को अपनी कार के ऊपर रखो, तुम्हारी किस्मत बदल जाएगी। तब से कुलांचे भरते घोड़े का शुभंकर फेरारी के ऊपर रहता है।
कई कंपनियों ने नकल भी की
बुगाटी के संस्थापक एटोर बुगाटी ने 1909 में एक लाल अंडाकार बैज विकसित किया। इसमें लाल रंग को शक्ति और जुनून का प्रतीक माना गया। सफेद बड़प्पन और काला साहस का। 1926 की कुछ बुगाटी कारों में नाचने वाले हाथी को भी कांस्य की मूर्ति में ढाला गया था। कई बार कार कंपनियों ने अनुमति लेकर दूसरों के प्रतीक की थोड़ी-बहुत नकल भी की। जैसे एस्टन मार्टिन ने 1930 में बेंटले के विंग्स की नकल की। अब वॉगटन्स कंपनी ने भी एस्टन मार्टिन के पंख वाले डिजाइन को कॉपी किया है।
Published on:
29 Nov 2020 04:51 pm
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