OMG! जज को इस चोर ने लिखा था ऐसा खतरनाक लेटर, फिर खुद बैठ गया कुर्सी पर और सुनाए कई बड़े फैसले

  • भारत का सबसे शातिर चोर कहा जाता है
  • पुलिस ने कई बार किया था गिरफ्तार, लेकिन हो गया फरार

Prakash Chand Joshi

January, 1103:47 PM

नई दिल्ली: दुनिया में जितने अच्छे लोग हैं उतनी ही कमी शातिर लोगों की भी नहीं है। आप आए दिन सुनते होंगे कि कहीं कुछ चोरी हो गया तो किसी चोर ( Thief ) ने कहीं किसी चीज पर हाथ साफ कर दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का एक ऐसा शातिर चोर भी था जिसने दो महीने तक जज की कुर्सी पर बैठकर कई फैसले सुनाए। चौंकिए मत जनाब ये सच है। चलिए आपको इस शातिर चोर की बातें बताते हैं।

chor.png

भारत का ये है इकलौता जज जिसे फांसी के फंदे पर लटकाया गया, वजह रोंगटे खड़े करने वाली

नाम धनी राम मित्तल...

इस शातिर चोर का नाम है 'धनी राम मित्तल'। आप शायद इस नाम से परिचित नहीं होंगे, तो चलिए हम बताते हैं। कहा जाता है कि धनी राम ने 25 साल की उम्र में ही चोरी को अपना पेशा बना लिया था। पुलिस ने चोरी करते हुए पहली बार साल 1964 में उसे पहली बार पकड़ा था। वहीं अब धनी राम की उम्र लगभग 80 साल हो चुकी है और किसी को नहीं पता कि वो कहां है। कहा ये भी जाता है कि चोरी के इतिहास में वो इकलौता ऐसा था, जिसे सबसे ज्यादा बार गिरफ्तार किया गया। साल 2016 में चोरी करते हुए आखिरी बार धनी राम को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वो पुलिस को चकमा देकर भाग गया था। सबसे खास बात ये कि धनी राम दिन के उजाले में चोरी करता था और अब तक लगभग 1 हजार से ज्यादा गाड़ियां चुरा चुका है।

chor1.png

कई बार हुआ फरार

कई साल पहले धनी राम को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था। वहीं उस समय जो जज थे, वो कई बार उसे अपनी अदालत में देख चुके थे। इसलिए खीझ कर उन्होंने कहा कि तुम मेरी अदालत से बाहर जाओ। इसके बाद वो जाने के लिए उठ गया। उसके साथ आए दो पुलिसकर्मी भी उठकर उसके साथ बाहर चले गए। इसके बाद वो वहीं से गायब हो गया। जब अदालत में उसका नाम पुकारा गया तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए, क्योंकि वो तो भाग चुका था। कहा जाता है कि उसने पुलिसकर्मियों को ये कहा था कि जज साहब ने तो उसे जाने के लिए कहा ही था। कहा जाता है कि धनी राम ने एलएलबी की भी पढ़ाई की थी। इसके अलावा उसने हैंडराइटिंग विशेषज्ञ और ग्राफोलॉजी की डिग्री भी हासिल की थी। उसने ये डिग्रियां अपनी चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए हासिल की थी। इन डिग्रियों की बदौलत वह गाड़ी चुराता था और उसके फर्जी कागजात तैयार करके उन्हें बेच देता था।

chor2.png

बन गया था जज

धनी राम के लिए कहा जाता है कि उसने फर्जी कागजात तैयार कर हरियाणा के झज्जर कोर्ट के एडिशनल सेशन जज को लगभग 2 महीने के लिए छुट्टी पर भेज दिया था और उनके बदले खुद उनकी कुर्सी पर बैठ गया था। वो जज की कुर्सी पर बैठकर 2 महीने तक फैसला सुनाता रहा। इस दौरान उसने लगभग 2 हजार अपराधियो को जमानत पर रिहा कर दिया था। हालांकि, कई लोगों को उसने जेल भी भिजवाया। हालांकि, बाद में जमानत पर हुए कैदियों को जेल में डाला गया। वहीं जब तक सच्चाई सामने आई तब तक धनी राम फरार हो गया था।

Show More
Prakash Chand Joshi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned