
नई दिल्ली। Mysterious Stone: हम मनुष्यों की प्रवृत्ति होती है कि किसी विचित्र वस्तु अथवा स्थान के बारे में सुनने पर हमारे अंदर उससे संबंधित बातें जानने या उस स्थान को देखने की जिज्ञासा पैदा हो जाती है। कहीं घूमने जाने पर भी हम उस स्थान के बारे में खास बात तलाशने लगते हैं। सामान्यतः विश्व में कई जगह तो इसलिए ही लोकप्रिय हैं क्योंकि उनसे जुड़ी कोई ना कोई बात आश्चर्य में डाल देती है। दुनिया में कई रहस्यमयी चीजें हैं जिन्हें देखकर या सुनकर हमें यकीन नहीं होता। कुछ रहस्यमयी चीजें तो ऐसी होती हैं जो विज्ञान और प्रकृति के बिलकुल विपरीत होने होने के बाद भी अपना अस्तित्व रखती हैं।
अगर आप भी उनमें से एक हैं जिन्हें घूमने-फिरने के साथ ही अजीबोगरीब चीजें खोजने का शौक है, तो आज हम आपको एक ऐसे पत्थर की जानकारी देने जा रहे हैं जिसने गुरुत्वाकर्षण के नियमों को भी मात दे दी। यह विराट पत्थर देखने पर तो ऐसा लगता है जैसे अभी नीचे लुढ़क जाएगा परंतु आज तक इस पत्थर को कोई हिला भी नहीं पाया है।
यह भी पढ़ें:
आपको यह जानकर अटपटा जरूर लग सकता है, परंतु यही सत्य है। आपको बता दें कि दक्षिण भारत के चेन्नई के एक कस्बे महाबलीपुरम में 1200 वर्ष प्राचीन एक पत्थर लोगां अपनी विशेषता के कारण लोगों को यहां आने पर मजबूर कर देता है। क्योंकि यह पाषाण बड़े ही विचित्र तरीके से एक ढलान वाली पहाड़ी पर 45 डिग्री के कोण पर यहां टिका हुआ है। इसे अगर कोई भी देखता है तो उसे यही भ्रम होता है कि यह बस गिरने ही वाला है, हालांकि यह सिर्फ भ्रम ही है। इस बहुत भारी एवं विशालकाय पाषाण की चौड़ाई 5 मीटर और उंचाई 20 मीटर है।
कहा जाता है कि वर्ष 1908 में उस वक्त के मद्रास के गवर्नर आर्थर की नजर इस पत्थर पर पड़ी तो मुझे लगा कि कहीं यह विशाल पत्थर किसी दुर्घटना का कारण ना बन जाए इस वजह से उन्होंने इस पत्थर को वहां से हटवाने के लिए 7 हाथियों से खिंचवाया फिर भी यह पत्थर अपनी जगह से टस से मस नहीं हुआ।
लोगों की मान्यता के अनुसार इस पत्थर से जुड़ी एक कहानी यह भी है कि कुछ लोग इस पत्थर को ‘कृष्णा की बटर बॉल’ भी कहते हैं। क्योंकि उनका मानना है कि यह पत्थर मक्खन की गेंद है जो भगवान श्री हरि को अत्यंत प्रिय मक्खन का प्रतीक है तथा स्वयं स्वर्ग से गिरा है।
Updated on:
10 Sept 2021 01:34 pm
Published on:
10 Sept 2021 01:01 pm
बड़ी खबरें
View Allअजब गजब
ट्रेंडिंग
