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1955 में गायब हुआ विमान 37 साल बाद दूसरे देश में हुआ लैंड, रहस्य से उठा पर्दा तो मची भगदड़

इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसे ही रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसके बारे में आपने कभी नहीं सुना होगा।

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Sunil Chaurasia

Feb 26, 2018

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नई दिल्ली। पृथ्वी की रचना आज से करीब 4.543 बिलियन साल पहले हुई थी। लेकिन आज भी पृथ्वी पर रहस्यों की दुनिया ने अपना बसेरा बना रखा है। धरती पर विद्यमान इस रहस्यों ने न सिर्फ आम लोगों को हिलाकर रख रखा है, बल्कि बड़े-बड़े वैज्ञानिकों की भी ज़िंदगी पर बोझ डाल रखा है। इस अजीबो-गरीब दुनिया में इस आधुनिक समय में भी अनोखे और रहस्यमयी किस्सों की भरमार है। ऐसा हो सकता है कि आप इन रहस्यों में से कई रहस्यों के बारे में जानते होंगे। लेकिन ऐसे भी रहस्यों की कोई कमी नहीं है, जिसके बारे में आपने आज तक सुना भी नहीं होगा।

इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसे ही रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसके बारे में आपने कभी नहीं सुना होगा। दरअसल आज हम एक रहस्यमयी विमान के बारे में बात करने जा रहे हैं जो अपने उड़ान भरने के करीब 37 साल बाद लैंड किया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिका के न्यूयॉर्क से साल 1955 में एक विमान ने उड़ान भरी थी। विमान संख्या 914 में कुल 57 यात्री सवार थे जो न्यूयॉर्क से मयामी जा रहे थे। लेकिन वह विमान मयामी पहुंचा ही नहीं।

जबकि आज के समय में भी एक साधारण विमान न्यूयॉर्क से मयामी तक पहुंचने में औसतन साढ़े तीन घंटे का समय लेता है। लेकिन यहां हम साल 1955 की भी बात करें तो अधिकतम 5 घंटे में विमान को मयामी पहुंच जाना चाहिए था। लेकिन पूरी दुनिया उस वक्त दुविधा में पड़ गई जब 1955 में गायब हुआ विमान संख्या 914, 37 साल बाद पैरोटोस बेनोजोला एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। लेकिन सबसे हैरान कर देने वाली बात यह थी कि इस विमान के बारे में एयरपोर्ट के कंट्रोल टावर में भी कोई जानकारी नहीं थी।

लेकिन लैंडिंग के कुछ ही देर बाद इस विमान ने एक बार फिर उड़ान भरी और कुछ देर बाद आसमान में फिर लापता हो गया। जिसके बाद से दोबारा उस विमान का कोई पता नहीं चल पाया है। लापता विमान की खोज के लिए आज भी कई तरह की कोशिशें की जा रही हैं। पैरोटोस बेनोजोला एयरपोर्ट पर मौजूद स्टाफ ने बताया कि विमान में बैठे लोग काफी घबराए हुए थे। हालांकि इस रहस्य में कितना सच है और कितना झूठ इस बारे में कहना काफी मुश्किल है।