
परंपरा के नाम पर इस गांव के मुस्लिम कर रहे हैं ऐसी हरकत, जिसे सुनकर सोच में पड़ जाएंगे
दुनिया चाहे कितना भी आगे क्यों न बढ़ गया हो लेकिन जात-पात और ऊंच-नीच को लेकर उनकी सोच आज भी नहीं बदली। समाज में शिक्षा का प्रसार होने के बावजूद आज भी कई लोग दकियानूसी सोच रखते हैं। हमारे देश में आज भी कई सारी जगहों में लोगों से जातिगत भेदभाव किया जाता है। आज भी लोग नीची जाति के लोगों को छूने या उनके घर पर खाना खाने से कतराते हैं।
एक ऐसी ही जगह यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में है। जी, हां यहां स्थित मोहम्मदी तहसील के सिसौरा नासिर गांव में जाने पर आपको भेदभाव का ये नजारा बखूबी मिलेगा। इस गांव में मुस्लिम दलितों के बाल नहीं काटते हैं।
बता दें इस गांव के ज्यादातर निवासी मुस्लिम है लिहाजा यहां नाई भी मुस्लिम ही है। गांव में नाई दलितों के बाल या नाखून नहीं काटते हैं। इसके लिए दलितों को मोहम्मदी या शाहजहांपुर 30 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस गांव के रहने वाले राजेश वाल्मीकि का इस बारे में कहना है कि आजादी के इतने सालों के बाद भी गांव में छुआछूत की भावना अपनी चरम सीमा पर है।
वही दूसरी ओर मुस्लिम नाइयों ने इस पर अपना तर्क देते हुए कहा कि हमारे यहां ये परंपरा का एक हिस्सा है जो कि सदियों से चली आ रही है। बता दें गांव के इस भेदभाव से तंग आकर एक दलित युवक ने इस बात की शिकायत पुलिस में की जिसके चलते नाइयों ने उस पर हमला बोल दिया। रोहित का हमले के बारे में कहना था कि करीब 5-6 नाइयों ने उस्तरे से उस पर हमला किया।
गांव के दलित समाज का कहना है कि पुलिस से शिकायत करने पर वो बात को गंभीरता से नहीं लेते हैं। हालांकि यहां के डीएम का कहना है कि तत्काल सीओ और एसडीएम को इस बात का निर्देश दिया गया है कि गांव में जाकर दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर बातचीत करे लेकिन अगर इसके बाद भी मुस्मिम समाज के नाईयों ने दलितों के साथ ऐसा किया तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
19 May 2018 09:25 am
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