
यहां मौजूद है राम और सीता के पैरों के निशान, वनवास के दौरान इस स्थान पर आकर बिताए थे कुछ पल
नई दिल्ली। भारत में ऐसे धार्मिक स्थलों की कोई कमी नहीं है जो अपने चमत्कारों के लिए मशहूर है। एक ऐसी ही जगह के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं जो झारखंड की राजधानी रांची से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह का नाम एडचोरो है। यहां पहाड़ी पर शिव जी का एक प्राचीन मंदिर है जिसे लादा महादेव टंगरा के नाम से लोग जानते हैं।
यह स्थान दो प्रमुख कारणों के चलते मशहूर है जिनमें से पहली वजह यह है कि मंदिर परिसर एक विशालकाय चट्टान है। ऐसे माना जाता है कि अगर कोई भक्त सच्चे मन से इस चट्टान पर हाथ फेरता है तो इससे पानी का रिसाव होने लगता है और मनोकामना भी पूरी होती है।
दूसरा कारण यह है कि पत्थर पर चार रामायणकालीन पदचिह्न बने हुए हैं। मान्यता यह है कि वनवास के दौरान राम और सीता यहां आए हुए थे और ये उनके ही पैरों के निशान हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु इन निशानों को छूकर भगवान से आशीष मांगते हैं।
इन्हीं दो कारणों के चलते यहां साल भर भक्तों का आना लगा रहता है। खासकर रामनवमी के दिन यहां खूब भीड़ होती है। इस अवसर दिन में काफी लंबे समय तक महादेव पर जल, पुष्प और दूध से अभिषेक किया जाता है। इस दौरान मंदिर के पुजारी पूजा पाठ करते रहते हैं। यहां एक पुरानी परंपरा है जिसके अनुसार, यहां सात गांव के लोग अपने-अपने झंडों के साथ यहां एकत्रित होते हैं और फिर जुलूस निकालते हैं।
रामनवमी के साथ साथ शिवरात्रि और सावन में भी यहां विशेष आयोजन किया जाता है।
Published on:
01 Feb 2019 02:12 pm
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