
इंसानों का मांस खाते थे ये नरभक्षी, घर का नजारा देखकर पुलिस के पैरों तले खिसक गई जमीन
नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका में दो ऐसे नरभक्षियों ने पुलिस के पास पहुंचकर आत्मसमर्पण किया है, जिसकी कहानी सुकनर पुलिस के भी होश उड़ गए। इन दोनों ने पुलिस से कहा कि वह मानव मांस खाकर थक चुके हैं। पहली बार में पुलिस को इनकी बात पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन जब इन्होंने अपने पास मौजूद बैग में इंसानी हाथ—पैर दिखाए तो पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों नरभक्षियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
घर में हर तरफ फैले मिले मांस के टुकड़े
पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वाले नरभक्षी का नाम निनो मबाथा (33) और लुंगिसानी मगुबेन (32) है। जब पुलिस को इनकी कहानी पर भरोसा नहीं हुआ तो निनो मबाथा उन्हें अपने घर ले गया। अंदर घुसते ही पुलिस को पूरे घर में इंसानों के मांस के टुकड़े फैले मिले। दोनों को 24 वर्षीय जेनले ह्लात्श्वेव नाम की एक युवती की निर्मम हत्या के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने इस मामले को क्रूर अपराध करार देते हुए दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सौभाग्य प्राप्ति के लिए किया ऐसा
बता दें, पूछताछ में ये पता चला कि दक्षिणी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पारंपरिक दवा के लिए प्रयोग होने वाली एक विधि ‘मुथि’ के जरिए सौभाग्य प्राप्ति के लिए इन लोगों ने जेनले ह्लात्श्वेव के मृत शरीर से आंतरिक अंग, हाथ और पैरों को निकालकर अलग कर दिया। इसके बाद मबाथा ने मगुबेन को निर्देश दिया कि वह सौभाग्य प्राप्ति के लिए जेनले ह्लात्श्वेव का मांस खाए। यही नहीं पूछताछ में पता चला कि जेनले ह्लात्श्वेव की हत्या करने से पहले उसके साथ रेप भी किया गया था।
पूरा गांव हो गया नरभक्षी
जांच में पुलिस को पता चला कि एसिगोदल्वेनी नाम के गांव के 971 घरों में नरभक्षियों द्वारा एक बैठक की गई थी। इसके बाद गांव के लोग कब्र से लाशें निकालकर उसे इंसानी मांस खा रहे थे। जब पुलिस ने इन लोगों पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह मबाथा के कहने पर ऐसा कर रहे थे ताकि उसे सौभाग्य प्राप्ति के लिए होने वाले 'मुथि' रिवाज के लिए अधिक से अधिक मात्रा में मान हड्डियां दे सकें।
Published on:
13 Dec 2018 05:53 pm
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