
OMG! शापित है कोहिनूर हीरा! जिसके पास भी रहा जहन्नुम बन गई उसकी जिंदगी
नई दिल्ली: अप्रैल 2016 में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अंग्रेजों द्वारा कोहिनूर हीरा न तो 'जबरन लिया गया और न ही चोरी' किया गया था। सरकार ने कहा कि इसे उस समय पंजाब पर शासन करने वाले महाराजा रणजीत सिंह के उत्तराधिकारी द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी को उपहार में दिया गया था। अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हाल ही में आरटीआई के जवाब में सरकार के स्टैंड का खंडन किया है कि हीरा वास्तव में लाहौर के महाराजा द्वारा इंग्लैंड की रानी विक्टोरिया को 'सरेंडर' कर दिया था। इसी खुलासे के बाद कोहिनूर एक बार फिर चर्चा में है। ऐसे में हम आपको इस हीरे के बारे में वो बातें बता रहे हैं, जिसकी वजह से यह खास है।
'कोहिनूर' का अर्थ होता है 'रोशनी का पहाड़'। ऐसी मान्यता है कि यह हीरा अभिशप्त है। कहते हैं कि यह हीरा जिसके भी पास रहता है उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाती है। इस हीरे ने कई राजपरिवारों को तबाह कर दिया। कई साम्राज्यों ने इस हीरे को अपने पास रखा लेकिन जिसने भी रखा वह मौत के मुंह में चला गया। जिसके पास भी यह पहुंचा, उसका परचम शुरू में तो खूब लहराया, लेकिन अंत भी बुरी तरह हुआ।
कोहिनूर दुनिया का सबसे मशहूर हीरा है, कहा जाता है कि मूल रूप में ये 793 कैरेट का था और एक समय इसे दुनिया का सबसे बड़ा हीरा माना जाता था। माना जाता है कि कोहिनूर हीरा वर्तमान भारत के आंध्रप्रदेश राज्य के गुंटूर जिले में स्थित गोलकुंडा की खदानों से प्राप्त हुआ था। हालांकि, यह हीरा खदान से कब बाहर आया, इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। बताया जाता है कि लगभग 3200 ई.पू. यह किसी को हीरा नदी की तली में मिला था।
ऐसी मान्यता है कि यह हीरा अभिशप्त है और कहा जाता है कि यह हीरा जिसके भी पास रहता है उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाती है। इस हीरे ने कई राजपरिवारों को तबाह कर दिया। यूं तो कोहिनूर बहुत प्रसिद्ध रहा है लेकिन इस हीरे को पहचान 1306 में मिली जब इसको पहनने वाले एक शख्स ने लिखा कि जो भी इंसान इस हीरे को पहनेगा वो इस संसार पर राज करेगा पर साथ ही कहा गया था कि इसके साथ ही उसका दुर्भाग्य शुरू हो जाएगा।
Published on:
16 Oct 2018 04:05 pm
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