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दो भाइयों की लड़ाई से बने थे ये मशहूर जूते के ब्रांड, मरने के बाद परिवार ने ऐसे किया दोनों को दफन

यह किस्सा है एडिडास और प्यूमा के मालिकों का एक ही परिवार में जन्में दोनों भाइयों में जिंदगीभर चलती रही लड़ाई मरने के बाद भी नहीं कम हुई नफरत

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The Enemy Brothers Who Founded ADIDAS and PUMA

दो भाइयों की लड़ाई से बने थे ये मशहूर जूते के ब्रांड, मरने के बाद परिवार ने ऐसे किया दोनों को दफन

नई दिल्ली। मार्किट में स्पोर्ट्स शू के दो सबसे बड़े प्रतिद्वंदी रहे हैं एडिडास और प्यूमा लेकिन क्या आपको पता है इन कंपनियों के मालिक सगे भाई थे। एडिडास के मालिक Adolf Dassler और प्यूमा के मालिक Rudolf Dassler जर्मनी के बहुत गरीब परिवार में जन्में थे। उनके पिता एक जूते की फैक्ट्री में काम किया करते थे और उनकी माता लांड्री चलाती थीं। यह परिवार दो वक्त के खाने के लिए घर में चप्पलें बनाकर बेचा करता था।

सन 1920 में जर्मनी के एक छोटे से कस्बे (Herzogenaurach) में इस परिवार ने अपनी पहली जूते की दुकान खोली। जिसका नाम Dassler Brother's Sports Shoe Factory रखा गया। अडोल्फ जूते बनाने में माहिर थे वहीं रुडोल्फ एक बेहतरीन दूकानदार थे। एक वह भी समय था जब दोनों भाई तानाशाह हिटलर की पार्टी के मेम्बर भी रहे थे। उसी समय ओलम्पिक के दौरान दोनों भाइयों ने अमरीका के एथलीट Jesse Owens को उनके द्वारा बनाए जूते पहनने के लिए राजी कर लिया। बस फिर क्या था, यहीं से Dassler भाइयों की किस्मत चमकी।

सन 1936 में Jesse Owens ने ओलम्पिक में चार गोल्ड मैडल अपने नाम किए। उनकी जीत ने Dassler Company को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी। लेकिन Dassler भाइयों की ज़िंदगी में आई इस सफलता का असर उनके रिश्ते पर पड़ने लगा। हालांकि, आज तक लोग दोनों भाइयों के बीच हुई लड़ाई की असली वजह को नहीं जान सके। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दोनों भाई आखिरकार अलग हो गए।

अडोल्फ ने अपनी कंपनी को एडिडास Adidas s नाम दिया और रुडोल्फ ने प्यूमा puma रखा। Herzogenaurach के रहने वाले आधे लोग अडोल्फ की कंपनी में काम किया करते थे और आधे रुडोल्फ की। कहते हैं सड़क पर जा रहे लोग जूते देखने के बाद ही एक दूसरे से बात किया करते थे। दोनों भाइयों की कंपनी में काम करने वाले लोगों को अपनी दुश्मन कंपनी से किसी भी तरह का रिश्ते कायम करने की मनाही थी। जानकारों के अनुसार, 70 के दशक में दोनों भाइयों की मृत्यु हुई। दोनों को एक ही कब्रिस्तान में जितनी दूर हो सका दफन किया गया।