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भविष्यवाणी 2025 की थी, लेकिन अब सौर तूफान इसी साल पृथ्वी से टकराने के आसार

चेतावनी : चुंबकीय क्षेत्र पलटने से सूर्य की गतिविधि के साथ सनस्पॉट भी बढ़े  

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2025 में चरम की भविष्यवाणी थी, अब सौर तूफान इसी साल पृथ्वी से टकराने के आसार

2025 में चरम की भविष्यवाणी थी, अब सौर तूफान इसी साल पृथ्वी से टकराने के आसार

वॉशिंगटन. एक बड़ा सौर तूफान अनुमान से पहले पृथ्वी से टकरा सकता है। वैज्ञानिकों ने पहले 2025 में तूफान के चरम पर होने की भविष्यवाणी की थी। अब माना जा रहा है कि यह इसी साल के आखिर तक आ जाएगा। लंदन यूनिवर्सिटी में सौर भौतिक विज्ञानी एलेक्स जेम्स का कहना है कि सूर्य से पृथ्वी की ओर निकलने वाला यह विशाल बल समस्या पैदा कर सकता है।वैज्ञानिकों के मुताबिक जब सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र पलटता है तो इसकी गतिविधि बढ़ जाती है। गतिविधि बढऩे से प्लाज्मा अंतरिक्ष में निकलता रहता है। गतिविधि के चरम को सोलर मैक्सिमम कहा जाता है। जनवरी 2023 में अनुमान से ज्यादा सनस्पॉट सूर्य की सतह पर देखे गए। सनस्पॉट तब दिखाई देते हैं, जब मजबूत चुंबकीय क्षेत्र सूर्य की सतह से होकर गुजरता है। सनस्पॉट देखकर वैज्ञानिक अंदाजा लगा सकते हैं कि सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र कितना मजबूत और जटिल है। पिछले कुछ साल में सूर्य की सतह से प्लाज्मा निकलने में वृद्धि दर्ज की गई है।

क्या असर पड़ेगा...

सौर तूफान का असर रेडियो सिग्नल पर हो सकता है। कुछ देर के लिए ये काम करना बंद कर सकते हैं। जीपीएस पर असर पड़ सकता है। यह बिजली के बुनियादी ढांचे के साथ अंतरिक्ष में सैटेलाइट और यान को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

कब तक चलेगा

वैज्ञानिकों को फिलहाल इसकी सटीक जानकारी नहीं है कि सौर तूफान कितने समय तक चलेगा। हालांकि पिछले सौर तूफान को देखते हुए माना जा रहा है कि यह एक से दो साल तक चल सकता है।