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चीनी से भी 300 गुना ज्यादा मीठा है ये फल, फिर भी डायबिटीज के मरीजों के लिए है वरदान

इस फल की खासियत ये है कि ये चीनी से 300 गुना मीठा होने के बावजूद शुगर फ्री है। इस फल का नाम मोंक फ्रूट है और इसे डायबिटीज वाले लोग भी खा सकते हैं।  

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These fruits are 300 times more sweet than sugar

रोगियों के लिए वरदान है ये सुगर फ्री मीठा फल, डायबिटीज वाले भी खा सकेंगे दिल खोलकर

नई दिल्ली। बीमारियों के समय डॉक्टर दवाईयों के अलावा ताजे फल खाने की सलाह देते हैं। इससे शरीर के लिए जरूर आवश्यक तत्व मिलता है और बीमारी भी छू मंतर हो जाती है। हालांकि अगर फल मीठा हो तो डायबिटीज से ग्रसित लोगों के लिए यह एक तरह की समस्या ही है, लेकिन अब इस समस्या को दूर कर लिया गया है। इस फल की खासियत ये है कि ये चीनी से 300 गुना मीठा होने के बावजूद शुगर फ्री है। इस फल का नाम मोंक फ्रूट है और इसे डायबिटीज वाले लोग भी खा सकते हैं।

बता दें कि यह फल अभी तक सिर्फ चीन में पाया जाता था। लेकिन अब इसकी पैदावार भारत में भी शुरू हो गई है। भारत में इसे सीएसआईआर-आईएचबीटी संस्थान ने पालमपुर में तैयार किया है। खास बात यह है कि मोंक फ्रूट से बने उत्पाद या चीनी को शुगर के मरीज भी खा सकते हैं। चीन में पैदा होने वाले मोंक फ्रूट के इस पौधे को देश में पहली बार उगाने का काम किया गया है। हालांकि अब पालमपुर में सीएसआईआर और एनबीपीजीआर द्वारा मंजूरी मिलने के बाद पौधे को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है।

मोंक फ्रूट के फल से मिलने वाले मोगरोसाइड तत्व से मिठास का नया विकल्प तैयार किया गया है। जो कि चीनी के मुकाबले करीब 300 गुना अधिक मीठा होता है। इसमें एमिनो एसिड, फ्रक्टोज, खनिज और विटामिन शामिल हैं। खास बात यह है कि पेय पदार्थ, पके हुए या बेक्ड भोजन में प्रयोग किए जाने के बावजूद इसकी मिठास कायम रहती है।

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पौधे के जरिए किसानों के पास आय का दूसरा साधन पैदा होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि जहां किसानों की आय प्रति हेक्टर 40 हजार रुपये होती है. इस फसल से वह आय डेढ़ लाख रुपये प्रति हेक्टर हो जाएगी. इस फल की खेती अब किसानों तक पहुंचने पर सीएसआईआर काम कर रहा है क्योंकि इस फल की डिमांड इसी गुणों के कारण अधिक रहती है इसलिए ये किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगा.