
भारत और आसपास के देशों में कान और नाक छिदाने का चलन सदियों पुराना है।

कान में बाली और नाक में नथनी के बिना तो भारत में महिलाओं का श्रृंगार अधूरा है।

लेकिन जिन लोगों की तवीरें आप देख रहे हैं इन्होंने पियर्सिंग करा के अपने शरीर को कष्ट दिया, और अब इनकी शरीर इन्हें कष्ट दे रही है।

खुद को फैशनेबल दिखाने के चक्कर में लोग किस हद तक जा रहे हैं। जर्मनी में तो इस चलन ने एक अलग ही शक्ल ले ली है।

यहां लड़के लड़कियां अपने कानों को कुछ इस तरह से छिदवाते हैं कि बालियांतो छोड़िए, उनमें से तो पूरी की पूरी उंगली ही निकल जाएगी।

जर्मनी के युवा में तो यह आम सी बात होती चली जा रही है। यहां पर आप कानों में एक से लेकर पांच सेंटीमीटर तक के छेद देख सकते हैं। फ्लेश टनल नाम से जाने जाने वाले यह छेद आज का नया ट्रेंड हैं।