हम वैदिक और पौराणिक कथाओं में अलग-अलग तरह से विमान का जिक्र सुनते आए हैं। लेकिन इसके होने या नहीं होने की स्पष्ट तौर पर पुष्टि कभी नहीं हो सकी है, इसलिए इन कथाओं की बातें हमेशा जिज्ञासा का कारण बनी रही है। अब 'कंट्रोवर्शियल फाइल डॉट नेट' की रिपोर्ट कुछ ऐसा बता रही है, जो आपको और भी ज्यादा हैरान कर सकता है।
दरअसल, 'कंट्रोवर्शियल फाइल डॉट नेट' की रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान की दुर्गम पहाड़ी गुफा में एक मशीन मिली है, जिसे हज़ारों साल पुराना यानी महाभारत कालीन विमान माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि अलग ही तरह की दिखने वाली इस मशीन को सबसे पहले अमेरिकी सैनिकों ने देखा और पेंटागन को रिपोर्ट भेजी। विमान का डायमीटर साढ़े पांच मीटर का था और इसमें चार स्ट्रॉन्ग व्हील्स थे।
पेंटागन से मिलिटरी साइंटिस्ट, भूगर्भ शास्त्री और इतिहासवेत्ताओं की एक टीम इस स्थान पर गई और इसके बारे में छानबीन शुरू कर दी। उन्हें गुफा के पास से संस्कृत में कुछ शिलालेख भी मिले, जिससे अनुमान लगाया जा रहा हैै कि वो विमान भारतीय संस्कृति से संबंधित है और महाभारत काल का हो सकता हैं। वहां मौजूद गुफा के भी कम से कम 5000 साल पुराना होने का अनुमान है। अपनी अनुमानित खोज करके टीम वापस आ गई हौ और गुफा की निगरानी के लिए दूसरी टीम काम कर रही है।

वहीं, पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक ऐसे विमान एक स्ट्रेंज एनर्जी से प्रोटेक्टेड रहा करते थे। टाइम वेल विमान की प्रोटेक्टेड शील्ड होता है, जो यह इलेक्ट्रॉन मैग्नेटिक रेडिएशन ग्रैविटी फील्ड जैसा हुआ करता है। पहली बार इसके बारे में साइंटिस्ट अल्बर्ट आइन्स्टीन ने अपनी यूनिफाइड फील्ड थ्योरी में जिक्र किया था। माना जा रहा है कि जब सैनिकों ने इसे गुफा से निकालने की कोशिश की तो वो इसके 'टाइम वेल' की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों के सक्रिय होने के कारण अचानक गायब हो गए।