30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चारे के रुप में दी गई बकरी को बाघ ने इस वजह से बनाया अपना मित्र, दोनों की दोस्ती की दी जाती है मिसालें

वह बकरी को अपना सच्चा मित्र मानता है और उस पर कोई आंच नहीं आने देता है।

3 min read
Google source verification

image

Arijita Sen

Feb 02, 2019

Amur and timur

चारे के रुप में दी गई बकरी को बाघ ने इस वजह से बनाया अपना मित्र, दोनों की दोस्ती की दी जाती है मिसालें

नई दिल्ली। आजकल के जमाने में सच्चा दोस्त किस्मतवाले को ही नसीब होता है क्योंकि लोग अकसर एक दूसरे से अपना काम निकालने के लिए दोस्ती का नाटक करते हैं और काम हो जाने पर अपने ही दोस्त को धोखा देने में बिल्कुल नहीं हिचकते हैं। हालांकि जानवरों को कहां इन सब बातों की समझ है, उन्हें अगर कोई भा गया तो वे पूरे दिल से उस रिश्ते को निभाते हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि रूस के प्रिमोर्स्की सफारी पार्क में कुछ ऐसा देखने को मिलता है जिसके चलते यहां आने वाले पर्यटक इस बात को कहने पर मजबूर हैं।

पार्क में एक बाघ और बकरी की दोस्ती को देख हर कोई हैरान रह जाता है। दोनों की दोस्ती की मिसालें दुनिया देती है। अब आप यही समझ रहे होंगे कि भला बाघ कैसे बकरी से दोस्ती कर सकता है! अगर वह बकरी को दोस्त बना लेगा तो खाएगा क्या? हालांकि इस बाघ को इन सब बातों की कोई फिक्र नहीं है, इसके विपरीत वह बकरी को अपना सच्चा मित्र मानता है और उस पर कोई आंच नहीं आने देता है। आइये अब आपको बताते हैं कि इनकी दोस्ती की शुरूआत कब और कैसे हुई?

दरअसल, एक बार इस बाघ को चारे के रूप में यह जिंदा बकरी दी गई थी। बकरी उस बाघ से कमजोर होने के बावजूद उसने हार नहीं मानी और पिंजरे में घुसते ही उसने बाघ पर उल्टा हमला कर दिया। शायद उसकी यही बात बाघ को भा गई और जिसके बाद से दोनों पक्के दोस्त बन गए। बता दें इस बाघ का नाम आमूर है और बकरी का नाम है तिमूर।

साल 2015 से आमूर और तिमूर दोनों साथ-साथ हैं, लेकिन दुख की बात तो यह है कि अब दोनों बिछड़ने वाले हैं क्योंकि अब आमूर यानि कि बाघ को दूसरे पार्क में शिफ्ट करवाने का ऑर्डर आया है जहां आमूर की बहन टाइगा बाघिन को शिफ्ट किया जा चुका है। अब आमूर और तिमूर के साथ-साथ यहां आने वाले लोगों को भी यह बात रास नहीं आ रही है।

लोग इस बात का विरोध कर रहे हैं। अब तक कुल 10,000 लोगों ने इन दोनों की दोस्ती को बचाने के लिए एक पेटीशन साइन कर इस बात की मांग कर रहे हैं कि आमूर और तिमूर को अलग-अलग न रखा जाए।

यह इनकी दोस्ती ही है जिसे देखने के लिए हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक प्रिमोर्स्की आते हैं।

Story Loader