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मौत के रहस्य का पता लगाने के लिए तीन बार कब्र से निकाली गई इस शासक की लाश, फिर हुआ ये खुलासा

तूतनखामेन मिस्र का राजा था। उनका शासनकाल 1333 ईसापूर्व से लेकर 1324 ईसापूर्व तक था। 19 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई

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Tutankhamen

आज भी कुछ राज ऐसे हैं जिन पर से पर्दा नहीं उठ सका है। ये कुछ ऐसी बाते हैं जो किसी रहस्य से कम नहीं है। बात अगर मिस्त्र की करे तो ये एक ऐसी जगह है जहां हजारों सालों से कई राज दबे हैं। मिस्र में एक ऐसी ही दबी हुई राज है 19 साल की उम्र में मृत्यु को ग्रहण करने वाले तूतनखामेन की, जो कि प्राचीन मिस्र के एक बहुत ही चर्चित राजा थे। तूतनखामेन की मौत आज से करीब तीन हजार साल पहले हुई लेकिन आज भी उनकी मौत को लेकर वैज्ञानिकों के अलग-अलग विचार आते ही रहते हैं।

तूतनखामेन मिस्र का राजा था। उनका शासनकाल 1333 ईसापूर्व से लेकर 1324 ईसापूर्व तक था। मात्र 19 साल की उम्र में तूतनखामेन को अपनी जान से हाथ गंवाना पड़ा। उनकी मृत्यु किस वजह से और क्यों हुई इस बात से आज तक पर्दा नहीं उठ सका है। कुछ लोगों का इस बारे में ऐसा कहना है कि राजघराने में चल रही रंजिश की वजह से उन्हें मार दिया गया। हालांकि इस बारे में कोई पुख्ता सबूत नहीं है।

साल 1922 में ब्रिटिश आर्कियोलॉजिस्ट और इजिप्टोलॉजिस्ट 'Howard Carter' ने तूतनखामेन की ममी को ढूंढ निकाला। कब्र में ममी के अलावा सोने व हाथी दांत के आभूषण भी थे। Carter ने एक स्टडी में इस बात का खुलासा किया था कि ममी एक ताबीज को पहने हुए था। पूरा चेहरा सोने के मास्क से ढ़का हुआ था। इस मास्क को एक लेप की तरह लगाया गया था।

ममी को निकालने के बाद Carter ने अपनी टीम के साथ मिलकर उसके कई टुकड़ें कर दिए। मास्क को भी चेहरे से हटाया गया इसके लिए गर्म छूरी और तार का इस्तेमाल किया गया। परीक्षण के बाद दोबारा इस शरीर को ठीक करके साल 1926 में वापस उसके पुराने ठिकाने में दफना दिया गया। इसके बाद ममी को कब्र से तीन बार सिर्फ एक्स-रे के लिए निकाला गया।

साल 1968 में किए गए एक एक्स-रे में इस बात का खुलासा किया गया कि ममी के खोपड़ी में एक हड्डी का टुकड़ा धंसा हुआ है जिससे कुछ हद तक इस अंदाजे को ठोस रूप मिला कि वाकई में उनकी मौत स्वाभाविक नहीं थी बल्कि उन्हें मार दिया गया था।

आज भी ऐसा कहा जाता है कि मिस्त्र में पिरामडो के पास ममीज को घूमते हुए देखा जाता है। रात के अंधेरे में अजीब सी आवाजें सुनाई देती है। अब वास्तव में इसके पीछे की सच्चाई क्या है ये आज भी किसी पहेली से कम नहीं है।