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फूलों से सजी इस धरती पर आए थे हनुमान जी, “वैली आफ फ्लावर्स” के इस वीडियो को देख फैन हो जाएंगे आप

500 से ज्यादा फूलों की प्रजातियां हैं यहां इन महीनों में और खिल जाती हैं इस जगह की खूबसूरती

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Arijita Sen

Mar 04, 2019

valley of flowers

फूलों से सजी इस धरती पर आए थे हनुमान जी, "वैली आफ फ्लावर्स" के इस वीडियो को देख फैन हो जाएंगे आप

नई दिल्ली। उत्तराखंड के चमोली राज्य में स्थित “वैली ऑफ फ्लॉवर्स” एक मशहूर पर्यटन स्थल है। साल 1982 में यूनेस्को द्वारा इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया है। यह जगह 500 से भी अधिक फूलों की प्रजातियों से सजी हुई है।

ऐसा कहा जाता है कि रामायण काल में हनुमान जी संजीवनी बूटी की खोज में यहीं आए थे। जुलाई, अगस्त व सितंबर का महीना यहां आने के लिए परफेक्ट है। अब आप भी यहां आकर सुकून के चंद पल गुजार सकते हैं। यहां का नजारा देखकर अपनी आंखों पर यकीन कर पाना कभी कभी मुमकिन नहीं हो पाता है।

स्वर्ग से कम सुंदर नहीं है यह जगह। समुद्र तल से 3962 मीटर की ऊंचाई पर और 87.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली यह घाटी प्रकृति का एक अनमोल तोहफा है। इस घाटी का पता सबसे पहले साल 1931 में ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस. स्मिथ और उनके साथी आरएल होल्डसवर्थ ने लगाया था।

साल 1937 में स्मिथ दोबारा यहां और यहां की सुंदरता से प्रभावित होकर साल 1938 में ‘वैली ऑफ फ्लॉवर्स’ नाम से एक किताब प्रकाशित करवाई।