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यहां लड़कियों के सयाने होने पर मां-बाप उनसे करवाते है ये काम, ये अनोखी प्रथा आपको कर देगी हैरान

असम के बोंगाइगांव जिले के सोलमारी में लड़कियों की शादी पर यह अनोखा आयोजन होता है।

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Priya Singh

Jun 20, 2018

Weird ritual followed by parents in first menstruation of their girl

यहां लड़कियों के सयाने होने पर मां-बाप उनसे करवाते है ये काम, ये अनोखी प्रथा आपको कर देगी हैरान

नई दिल्ली। भारत में एक ऐसा राज्य है जिसकी एक परंपरा आपको हैरान कर देगी। इस राज्य में लड़कियों का विवाह केले के पेड़ से कराया जाता है। असम के बोंगाइगांव जिले के सोलमारी में लड़कियों की शादी पर यह अनोखा आयोजन होता है। यहां एक के मुताबिक, दुल्हन तो लड़की ही होती है, लेकिन दूल्हा एक केले का पेड़ होता है। बता दें कि, यहां ऐसे विवाह को 'तोलिनी ब्याह' का नाम दिया गया है। ऐसे विवाह समरोह केवल लड़की के सयाने होने पर ही किया जाता है। बता दें कि, पहले छोटे तबके के लोग ही अपनी पुत्रियों के सयाने होने पर ऐसे जश्न को मनाया करते थे, लेकिन आज के समय में हर समाज वर्ग के लोग ऐसे विवाह को मनाने लगे है।

जानकारी के मुताबिक, इस विवाह में बहुत शोर गुल, गाना-बजाना भी होता है। बेटी के किशोरावस्था में पहुंचने पर ऐसे विवाह का आयोजन किया जाता है। लड़की को इस दौरान सूरज के प्रकाश से बचाकर रखा जाता है, उसे भोजन में केवल फल, कच्चा दूध और पीठा खाना ही दिया जाता है। इस विवाह में रिवाज के पूर्ण होने तक उसे जमीन पर ही सोना होता है, इस दौरान न ही कोई युवक उसका चेहरा देख सकता है। ऐसे विवाह समरोह केवल लड़की के सयाने होने पर ही किया जाता है। बता दें कि पहले निचली जाति के लोग ही अपनी पुत्रियों के सयाने होने पर ऐसे जश्न को मनाया करते थे, लेकिन अब हर समाज वर्ग के लोग ऐसे विवाह को मनाने लगे है।

जैसा की आप जानते हैं पीरियड्स एक नेचुरल प्रोसेस है, जिससे हर स्त्री को माह में दो से सात दिन की अवधि तक गुजरना पड़ता है। मगर इस देश में किसी भी लड़की के पहले पीरियड्स पर जश्न मनाएं जाते है। असम के बोगांइ जिले के सोलमारी गांव में पहले बार लड़की के पीरियड्य आने पर लोग नाचते गाते हैं। सालों से चलती आ रही इस प्रथा को लोग आज भी मानते हैं और इस प्रथा को त्यौहार की तरह मानते हैं।