
नई दिल्ली: दुनिया के लगभग सभी देशों में एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने के लिए रेल होती है। वहीं बात भारत की करें तो भारतीय रेल एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। रोजाना लगभग 13 हजार ट्रेनों का संचालन किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि बोगियों में दरवाजे के पास वाली खिड़की सबसे अलग क्यों होती है? शायद नहीं, तो हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।
ट्रेन की स्लीपर और जनरल बोगियों की खिड़कियों में सरिया लगा होता है, लेकिन जो खिड़की दरवाजे के पास होती है उसमें बाकी खिड़कियों के मुकाबले ज्यादा सरिया लगा होता है। जिस किसी ने भी इस पर ध्यान दिया होगा उसको ये बात जरूर हैरान करती होगी कि ऐसा क्यों है। दरअसल, दरवाजे के पास वाली खिड़की में चोरी होने का डर सबसे ज्यादा होता है। चोर ज्यादातर इन्हीं खिड़कियों से हाथ डालकर यात्रियों का सामान चुरा लेते थे। साथ ही इन खिड़कियों तक दरवाजे के पायदान से भी पहुंचा जा सकता है।
वहीं जब रात में यात्री सो जाते थे, तो चोर मौके का फायदा उठाकर इन्हीं खिड़कियों से हाथ डालकर सामान चुरा लेते थे। ऐसे में इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए रेलवे की तरफ से इन खिड़कियों पर बाकी खिड़कियों के मुकाबले ज्यादा सरिया लगाया गया। इससे गैप काफी कम हो गया और किसी का हाथ अंदर नहीं घुस पाता। साथ ही ऐसा इसलिए भी किया गया ताकि रात में आउटर पर ट्रेन रुकने के दौरान चोर खिड़की से हाथ डालकर दरवाजा न खोल पाएं।
Published on:
31 Oct 2019 04:05 pm
बड़ी खबरें
View Allअजब गजब
ट्रेंडिंग
