जंगलों में सनसनाती हवा और अजीबो-गरीब चीखें किसी का भी कलेजा दहला सकती हैं। वह भी जब काली रात में तारे टिमटिमा रहे हों।
साउथ वेलिंगटन के जंगलों में एक महिला भटक गई। उसने अपने बचाव के लिए ऐसा तरीका अपनाया जो कि अपने में अनोखा था।
हुआ कुछ यूं, यूजीलैंड में आयोजित 20 किलोमीटर की लंबी दौड़ में हिस्सा ले रही स्युजन ओ ब्रायन जंगल में भटक गई।
जैसे-जैसे दिन ढलता गया और तेज हवाओं व बारिश ने उसकी कंपकंपी बढ़ा दी थी। साथ ही उसे भूख भी लग रही थी। आधी रात बीत चुकी थी। जंगल में अजीब सा शोर हो रहा था।
महिला ने अपने विवेक के आधार पर शरीर का बचाव करने के लिए जमीन में एक गढ्ढा खोदा तथा उसी में बैठ गई। महिला की भूख बढ़ती जा रही थी। उसे एक ख्याल आया क्यों न अपना दूध निकाल कर पिया जाए। फिर उसने अपने ख्याल पर अमल करते हुए अपना दूध निकालकर पी लिया। दूध की गर्माहट से उसने पूरी रात जंगल में गुजार दी।
अगले दिन सोमवार सुबह बचाव दल के एक हेलिकॉप्टर ने स्युजन को खोजा और सुरक्षित वापस ले लाया। अस्पताल में चैकअप के लिए ले जाने से पहले स्युजन को अपने पति व बच्चों से मिलवाया गया, जिन्हें देख उसकी आंखों से खुशी के आंसू रुक नहीं रहे थे।
स्युजन ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि वह ठंड से बचने के लिए अपने शरीर पर रातभर मिट्टी उड़ेलती रही और आठ महीने पहले बनी मां के चलते मैंने अपनी दूध पिया, जिसने मेरी रक्षा तो की ही बल्कि मुझे ताकत भी दी।