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दुनिया की सबसे बड़ी किताब के पेज पलटने के लिए छह लोग करते हैं मशक्कत, जानें इससे जुड़ी और दिलचस्प बातें

बेला वर्गा की बनाई गई इस खास किताब में इलाके के वातावरण, गुफाओं और भूभाग की संरचना से जुड़ी हुई जानकारियां मुहैया कराई गई है।

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Piyush Jayjan

Feb 04, 2020

world's largest book

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नई दिल्ली। अगर आप भी किताब पढ़ने का शौक रखते है तो किसी न किसी किताब में अपने लिए कुछ खास खोज ही लेते होंगे। उत्तरी हंगरी ( Northern Hungary ) के छोटे से गांव सिनपेत्री ( Szinpetri ) के रहने वाले बेला वर्गा ने अपने हाथों से एक खास किताब बनाई है। एक दावे के मुताबिक यह दुनिया की सबसे बड़ी किताब है।

इस किताब को बनाने के लिए 71 साल के बेला ने बाइंडिंग तकनीक ( Binding Techniques ) का इस्तेमाल कर बनाया है। बाइडिंग तकनीक से बनाई गई इस किताब 4.18 मीटर लंबी और 3.77 मीटर चौड़ी है जिसमें कुल 346 पेज हैं। इसका कुल वजन 1420 किलोग्राम है।

किताब में वातावरण, गुफाओं, भूभाग की संरचना के बारे में जानकारी दी गई है। इस किताब की चर्चा इसलिए ज्यादा हो रही है क्योंकि इसे बाइडिंग तकनीक से बनाया गया हैं। किताब इस क्षेत्र के बारे में जानकारी देने वाली अन्य किताबों से अलग है।बेला ने इसमे्ं लकड़ी की टेबल और अर्जेटीना से मंगाए गए गाय के चमड़े ( Leather ) का भी इस्तेमाल किया है।

यह किताब इतनी भारी-भरकम है कि इसके पेज को पलटने के लिए 6 लोग लगते हैं। ये लोग एक मशीन ( Machine ) से इस काम को अंजाम दे पाते हैं। इसके साथ ही किताब ( Book ) की एक छोटी कॉपी भी तैयार की गई है, ताकि किताब का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकें।

इस छोटी किताब का कुल वजन 11 किलोग्राम है। दोनों किताबों को एक साथ तैयार किया था। बेला अपनी किताब से धूल को हटाने के लिए याक की पूंछ का इस्तेमाल करते है। उन्हें ये पूंछ भूटान के प्रधानमंत्री से भेंट के रूप में मिली है। भूटान के बौद्ध भिक्षु पवित्र किताबों को साफ करने के लिए याक की पूंछ का इस्तेमाल करते हैं।